• मोबाइल एप से दीजिए वीडियो प्रूफ
  • जनरल मोटर इंश्‍योरेंस पाना हुआ बहुत आसान
  • रिन्‍यूल भी कुछ ही घंटों में

अब कार या बाइक एक्‍सीडेंट क्‍लेम लेना लोगों के लिए आसान हो गया है। इस मामले में आईसीआईसीआई लोम्‍बार्ड और बजाज एलायंज जैसी बीमा कंपनियां आगे आई हैं जो मोबाइल एप के माध्‍यम से बीमा क्‍लेम दे रही हैं। पेश है the2is.com टीम की रिपोर्ट –

अगर आपकी कार का एक्‍सीडेंट हो जाए तो ज्‍यादा चिंता की जरूरत नहीं है। बस, कार को गैराज पहुंचाइए और मोबाइल फोन की मदद से एक घंटे के अंदर डैमेज का क्‍लेम पाइए। बस आपको डैमेज का वीडियो शूट करके भेजना होगा और क्‍लेम तुरंत का तुरंत प्रॉसेस हो जाएगा। एक घंटे में क्‍लेम का पैसा भी मिल जाएगा।

इंश्‍योरेंस कंपनियां ऐसा कर पा रही हैं, क्‍योंकि उनको भी एक्‍सीडेंट की सारी जानकारी तुरंत की तुरंत मिल रही है।यहां तक कि अगर आपको पॉलिसी रिन्‍यू भी करानी हो तो भी एक आध घंटे में हो रही है। हर महीने 30 हजार से ज्‍यादा लोग पॉलिसी रिन्‍यूअल के लिए खुद ही फोटो खींच कर भेज रहे हैं।

कैसे करें इंश्‍योरेंस क्‍लेम

  • एंड्राएड फोन पर गूगल प्‍ले स्‍टोर पर जाकर बजाज, पॉलिसी बाजार या आईसीआईसीआई का एप इंस्‍टॉल कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर –
    https://play.google.com/store/apps/details?id=com.bajajallianz.iinspect&hl=en
  • आपके मोबाइल फोन में 4 मेगापिक्‍सल या उससे ज्‍यादा का कैमरा होना चाहिए
  • अगर रात में एक्‍सीडेंट होता है, फिर भी दिन होने पर ही वीडियो शूट करें
  • कुछ कंपनियां एक घंटे में तो कुछ 3-4 घंटे में क्‍लेम प्रॉसेस करती हैं
  • एक ही वीडियो क्लिप में कार या दूसरे वाहन का चारों तरफ का वीडियो होना चाहिए
  • अंत में आरसी और पॉलिसी डिटेल्‍स भेजनी होती हैं

यूपी के रमेश मिश्रा की पॉलिसी एक्‍सपायर हो गई। उन्‍होंने मोबाइल एप से प्रॉसेस कराने की सोची और उनका एक्‍सपीरिएंस बहुत ही बढि़या रहा। रमेश ने बताया कि उन्‍होंने सेल्‍फ इंस्‍पेक्‍शन वीडियो की मदद लेने की सोची और रिजल्‍ट बहुत ही अच्‍छा रहा। ना कहीं फोन किया और ना ही ज्‍यादा इंतजार करना पड़ा।

बजाज एलांएज और आईसीआईसीआई लॉम्‍बॉर्ड जनरल इंश्‍योरेंस जैसी कंपनियां तो एक कदम और आगे हैं। उन्‍होंने खुद अपने एप बना लिए और लोगों को फ्री में उपलब्‍ध करा रही हैं। बजाज 20 हजार के डैमेज क्‍लेम दे रहा है तो आईसीआईसीआई लॉम्‍बार्ड 50 हजार का क्‍लेम। इंश्‍योरेंस नियंत्रक इरडा ने भी 50 हजार तक के डैमेज क्‍लेम के लिए सेल्‍फ असेस्‍मेंट की छूट दे रखी है।

मोटर ऑन स्‍पॉट सुविधा की मदद से कोई भी एक्‍सीडेंट हुए वाहन की फोटो, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्‍योरेंस पॉलिसी नंबर और अगर जरूरत हुई तो एफआईआर की कॉपी अपने मोबाइल फोन की मदद से भेज सकते हैं। डेटा एनालिसिस करने के बाद इंश्‍योरेंस कंपनी ग्राहक को तुरंत कोटेशन भेजती है। अगर कस्‍टमर को कोट पसंद है और तुरंत सेटेलमेंट के लिए राजी हो जाता है तो उसे प्रॉसेस करा दिया जाता है। अगर वो राजी नहीं होता है तो हमारी कस्‍टमर सर्विस सेंटर से कोई उनसे सम्‍पर्क करता है।

यूपी वाले पीछे

पॉलिसी बाजार के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि उत्तर प्रदेश में इस सुविधा का अभी अधिक प्रचार-प्रसार न होने से बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी है। ऑनलाइन पॉलिसी रिन्‍यूअल के लिए तो कुछ लोग आगे आ रहे हैं, लेकिन एक्‍सीडेंट क्‍लेम के बारे में अभी ज्‍यादा जागरूकता नहीं हैं। आम लोगों की तो बात ही छोड़ दी जाए, इंश्योरेंस करने वाली कंपनियों तथा कार शोरूम के एक्जीक्यूटिव तक को इस इस विषय में अधिक जानकारी नहीं है।

हर प्रकार का इंश्योरेंस करने वाले दीपक चिलकोटी ने कहा कि कंपनियों ने ग्राहकों से कई जानकारियों को ऑनलाइन जरूर कर दिया है, लेकिन क्लेम के मामले में फिलहाल ऐप की उपयोगिता अधिक प्रचलन में नहीं है। फ्यूचर जनरली के वरिष्ठ अधिकारी श्रीकांत सिंह कहते हैं कि क्लेम का निर्धारण करने के लिए आपको अपनी गाड़ी गैराज तक तो लानी ही होगी। वहां संबंधित लोगों द्वारा मूल्यांकन करने के बाद क्लेम प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है।