• इप्सॉस मोरी के नए ऑनलाइन सर्वे में 12 प्रभावशाली देशों की सूची में भारत को 7वां स्‍थान
  • कनाडा सूची में सबसे ऊपर, चीन को सर्वेक्षण में 8वां स्थान, जबकि अमेरिका नौवें स्थान पर

यह संभव है कि कोई देश पूरी दुनिया में अपना प्रभाव स्‍थापित करने में सफल रहा हो, लेकिन ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण बात यह है कि वह प्रभाव सकारात्मक है या नकारात्मक, यानी दुनिया में उसकी साख या गुडविल कैसी है। किसी देश की पहचान उसकी अच्‍छाई के कारण है या बुराई के कारण, इसी आधार पर उस देश की गुडविल निर्धारित होती है। अंतरराष्‍ट्रीय एजेंसी इप्सॉस मोरी (Ipsos Mori) के दुनियाभर में किए गए नए ऑनलाइन सर्वे में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। इस सर्वे में भारत सकारात्मक प्रभाव वाले देशों की सूची में अमेरिका और चीन से ऊपर है यानी दुनिया में भारत की साख इन देशों की तुलना में अधिक है। प्रस्‍तुत है  the2is.com के लिए धर्मेन्‍द्र त्रिपाठी की रिपोर्ट :

आज अगर किसी से सवाल किया जाता है कि दुनिया का सबसे प्रभावशाली देश कौन सा है तो स्‍वाभाविक रूप से ज्‍यादातर का जवाब अमेरिका या रूस होता है, लेकिन एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सर्वे में लोगों ने भारत को अमेरिका, चीन और रूस से ज्यादा प्रभावशाली देश के रूप में मान्‍यता दी है। इप्सॉस मोरी के इस सर्वे में 25 देशों के 18 हजार लोगों ने भाग लिया था। भारत को इस ऑनलाइन सर्वे में 53 फीसदी वोट मिले और 12 प्रभावशाली देशों की इस सूची में भारत 7वें स्थान पर है।

अमेरिका का पड़ोसी कनाडा इस सर्वेक्षण में सबसे ऊपरी पायदान पर है। सर्वे में केवल 40 फीसदी लोगों का मानना था कि अमेरिका का पूरी दुनिया में सकारात्मक प्रभाव है। इस मामले में अमेरिका चीन से भी पीछे है। चीन को 8वां स्थान मिला है जबकि अमेरिका इस सर्वे में नौवें स्थान पर है। चीन को 49 फीसदी लोगों ने प्रभावी माना है तो वहीं रूस को केवल 35 फीसदी लोग ही दुनिया में प्रभावी मानते हैं और वह 10वें स्‍थान पर है।

इस ऑनलाइन सर्वेक्षण में प्रभावशाली देशों की सूची में कनाडा 81% वोट के साथ अव्‍वल नंबर पर है। ऑस्ट्रेलिया को 79% लोगों ने वैश्विक पटल पर सकारात्मक रूप से प्रभावी माना है और वह दूसरे नंबर पर है। वहीं, जर्मनी को 67% लोगों ने प्रभावी माना है और उसका नंबर सूची में तीसरा है। फ्रांस 59% के साथ चौथे और इंग्लैंड 57% लोगों की पसंद के साथ पांचवें नंबर पर है।

सर्वेक्षण से यह निष्‍कर्ष भी निकलता है कि अमेरिका का दुनिया में दबदबा तो है, लेकिन इस दबदबे को सकारात्‍मक रूप में नहीं लिया जाता। अमेरिका भले ही अपनी महानता का ढोल पीटता रहे, लेकिन लोग उसे उतना महान नहीं मानते। पिछले साल के सर्वे की तुलना में इस बार अमेरिका की रेटिंग में 24% की भारी गिरावट देखने को मिली है। इस सर्वे के बाद ऐसा लगता है कि दुनिया में अमेरिका की चौधराहट में कमी आ रही है।