• देशभर में 1581 सांसद और विधायक दागी, 4 विधायकों पर रेप के मामले भी
  • एडीआर की रिपोर्ट से खुलासा, 51 जनप्रतिनिधियों पर महिला उत्‍पीड़न के मामले भी
  • लोकसभा के 184 और राज्यसभा के 44 सांसदों के खिलाफ हैं आपराधिक मामले

आम लोगों की बात ही क्या की जाए, जब देश के माननीय सांसद और विधायकों का ही कैरेक्टर ढीला है। खुद अपने द्वारा दिए गए शपथपत्र के माध्यम से उन्‍होंने इसको उजागर किया है। एडीआर यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार तो 1581 सांसद और विधायक ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इन संस्थाओं ने कुल 4896 जनप्रतिनिधियों में 4852 विधायकों और सांसदों की संपत्ति और क्रिमिनल रिकॉर्ड की जांच की। इस जांच परख में जो तथ्य सामने आए वे न सिर्फ शर्मनाक बल्कि चौंकाने वाले भी हैं। पेश है रजनीश राज की रिपोर्ट –

 33 प्रतिशत दागदार

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में 4852 जनप्रतिनिधियों में से 33 प्रतिशत यानी 1581 का आपराधिक रिकॉर्ड है। लोकसभा के 543 में से 34 प्रतिशत यानी 184 सांसद और राज्यसभा के 231 में से 19 प्रतिशत यानी 44 सांसद ऐसे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यही नहीं, 4078 विधायकों में से 33 प्रतिशत यानी 1353 विधायकों की छवि आपराधिक है।

महिलाओं पर अत्याचार करने में भी पीछे नहीं

रिपोर्ट के अनुसार, 51 ऐसे माननीय हैं जो महिलाओं पर अत्याचार करने में भी पीछे नहीं रहे हैं। इनमें 3 सांसद और 48 विधायक शामिल हैं। अफसोसजनक बात तो यह है कि 334 उम्मीदवारों ने खुद के महिलाओं पर अत्याचार में लिप्त होने की बात शपथपत्र में स्वीकारी है, इसके बावजूद चुनाव में उनको टिकट दिए गए। इनमें 122 निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल हैं। इनमें से 40 को लोकसभा या राज्यसभा का टिकट दिया गया तो 294 को विधानसभा का।

महाराष्ट्र सबसे बदनाम

जहां तक जनप्रतिनिधियों द्वारा महिलाओं पर अत्याचार या उनके उत्‍पीड़न की बात की जाए तो महाराष्ट्र सभी राज्‍यों में टॉप पर है। यहां 12 ऐसे सांसद या विधायक हैं, जिन पर महिला उत्‍पीड़न के मामले हैं। दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल और तीसरे पर उड़ीसा का नाम आता है। यहां पर क्रमश: 11 व 6 जनप्रतिनिधियों पर महिला अत्याचार के मामले हैं।

भाजपा टॉप पर

अगर बात की जाए महिलाओं पर होने वाली हिंसा की तो भाजपा के 14 माननीयों ने स्वीकार किया है कि वे इसमें लिप्त रहे हैं। इसके अलावा शिवसेना के 7 और तृणमूल कांग्रेस के 6 सांसद या विधायक भी ऐसे मामलों में लिप्त रहे हैं।

बलात्कारी भी

देश के चार विधायक बलात्कारी भी हैं। ऐसा घिनौने चेहरे सिर्फ एक पार्टी का हिस्सा नहीं हैं, वे भाजपा, कांग्रेस, आरजेडी और टीडीपी में भी हैं।