• सेना की कस्‍टडी में हेलीकॉप्‍टर से रोहतक जेल ले जाया गया गुरमीत बाबा राम रहीम को
  • जज जगदीप सिंह ने 9 पन्‍नों का फैसला पढ़कर सुनाया, सजा पर 28 अगस्‍त को होगी सुनवाई

चंडीगढ़। एक गुमनाम पत्र पर लिए गए संज्ञान के करीब 15 साल बाद शुक्रवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने यौन शोषण मामले में फैसला सुनाते हुए डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम को दोषी करार दिया है। कोर्ट 28 अगस्‍त को उनको सजा सुनाएगी। सुनवाई के समय कोर्ट में केवल जज और राम रहीम व स्‍टाफ मौजूद थे। जज जगदीप सिंह ने अपराह्न करीब 3 बजे 9 पन्‍नों का फैसला पढ़कर सुनाया। बताया जा रहा है कि सजा का ऐलान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भी किया जा सकता है।

फैसला सुनाने के तुरंत बाद राम रहीम को कोर्ट में ही गिरफ्तार कर लिया गया। उन्‍हें यहां से हेलीकॉप्‍टर से रोहतक जेल ले जाया गया है। फैसले के बाद कोर्ट परिसर में ही राम रहीम का मेडिकल चेकअप कराया गया।  उधर, सीबीआई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के थोड़ी देर बाद ही पंचकूला कोर्ट से थोड़ी दूर स्थिति लोगों में हलचल को देखते हुए आंसू गैस के गोले छोड़ने की भी खबर है। बताया जा रहा है कि भीड़ को पीछे हटाने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ जगहों से हंगामे की खबरें भी मिल रही हैं।

वहीं इससे पहले साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा प्रमुख राम रहीम सिरसा से सड़क मार्ग से होते हुए पंचकूला की सीबीआई की विशेष अदालत में अपराह्न करीब ढाई बजे पिछले गेट से अंदर पहुंचे। कोर्ट के अंदर डेरा प्रमुख, उनके साथ एक साध्वी और बचाव व अभियोजन पक्ष के वकील को ही आने दिया गया। वहीं पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने डेरा प्रमुख की तलाशी ली। डेरा प्रमुख ने कमर दर्द के चलते बेल्ट लगाई हुई थी। उधर, कोर्ट के फैसला सुनाने से थोड़ी देर पहले ही हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर खट्टर ने डेरा समर्थकों से अपील करते हुए कहा, ‘कोर्ट का फैसला हम लागू कराएंगे। उन्‍होंने आगे कहा कि पूरे राज्‍य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और हालात से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।’

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का प्रशासन को कड़ा निर्देश

कानून व्‍यवस्‍था पर प्रशासन को कड़ा निर्देश जारी करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार दोपहर कहा कि किसी तरह की अराजकता बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी, जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग किया जाए। कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि कोई नेता पंचकूला न पहुंच पाए और यदि कोई नेता ऐसा करता भी है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। कोर्ट ने आगे कहा कि अदालत की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए और ध्‍यान रखा जाए कि राम रहीम की पेशी में किसी तरह की देरी न हो। इसके अलावा कोर्ट ने आत्मदाह की कोशिशों पर नजर रखने  को भी कहा है।