• गुरुवार देर रात गुरमीत बाबा राम रहीम ने जारी किया वीडियो, समर्थकों से की शांति की अपील
  • बाबा बोले – ये फैसला मुझे सुनना है, मैं स्‍वयं जाकर सुनूंगा, सभी लोग कानून का सम्‍मान करें

चंडीगढ़। डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत बाबा राम रहीम ने गुरुवार रात 12 बजे एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्‍होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और अपने-अपने घर लौट जाने को कहा। बाबा राम रहीम ने वीडियो में कहा – ‘मैंने पहले भी शांति बनाए रखने के लिए कहा था और पंचकूला जाने के लिए मना किया था। ये फैसला मुझे सुनना है, मैं स्‍वयं जाकर फैसला सुनूंगा। कानून का सम्‍मान सभी को करना चाहिए। सभी लोग शांति बनाए रखें और जो लोग पंचकूला में मौजूद हैं, वे अपने घर लौट जाएं।’  उधर, पंचकूला में सेना और पुलिस भी लाउडस्पीकर के जरिए डेरा समर्थकों से घर वापस जाने की अपील कर रही है। हालांकि यहां इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण बाबा का यह संदेश उनके समर्थकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई समर्थक तो यह मानने को भी तैयार नहीं हैं कि ऐसा कोई संदेश बाबा ने दिया है।

पंचकूला की सड़कों पर जमे बाबा राम रहीम के समर्थक

उधर, डेरा प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम पर यौन शोषण मामले में फैसले से ठीक एक दिन पहले गुरुवार रात पंचकूला में सेना ने मोर्चा संभाल लिया। यहां सेना की 36 टुकड़ियों ने चार सेक्टरों को अपने कब्जे में ले लिया है। बड़ी संख्या में पहुंच रहे डेरा समर्थकों को रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों के जवान निगरानी कर रहे हैं। हरियाणा-चंडीगढ़ की अभूतपूर्व किलेबंदी की गई है। पंचकूला के विभिन्‍न सेक्‍टरों में स्थित पार्कों, फुटपाथ और सड़क किनारे करीब डेढ़ लाख डेरा समर्थक मौजूद हैं। सेना और पुलिस के जवान डेरा समर्थकों से घर वापस जाने की अपील कर रहे हैं, लेकिन ज्‍यादातर समर्थकों का कहना है कि वे बाबा के दर्शन किए बिना वहां से हिलेंगे भी नहीं।

जब कुछ चैनल के संवाददाताओं ने उनसे कहा कि आपको यहां से हटाने के लिए बल प्रयोग भी हो सकता है तो बाबा के कुछ समर्थकों का कहना था – ‘कुछ भी हो जाए, हम मर जाएंगे लेकिन बाबा को देखने के बाद ही यहां से जाएंगे।’ बहुत सारे डेरा समर्थक तो तीन दिन से पंचकूला में डटे हुए हैं। पुलिस ने भी पंचकूला के कुछ सेक्‍टर में बाबा के अनुयायियों से चले जाने का अनुरोध किया, लेकिन उसका ज्‍यादा असर नहीं दिखाई दिया। जाहिर है, ऐसी स्थिति में डेरा समर्थकों को कंट्रोल करना पुलिस प्रशासनके लिए बड़ी चुनौती है।