• हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व राजस्थान जाने वाली 30 ट्रेनें रद्द, विभिन्न रूटों पर बस सेवाएं भी बंद

चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम के यौन शोषण मामले में 25 अगस्त को पंचकूला सीबीआई कोर्ट फैसला सुनाएगी। फैसले के मद्देनजर तनाव को देखते हुए गुरुवार को हरियाणा के सिरसा में कर्फ्यू लगा दिया गया है। उधर, पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जरूरत पड़ने पर उनके राज्‍य में भी कर्फ्यू लगाया जा सकता है, इसके लिए डीजीपी को परमिशन दे दी गई है। इससे पहले हाईकोर्ट ने एक पिटीशन की सुनवाई के दौरान राम रहीम के वकील से कहा कि डेरा समर्थकों को पंचकूला से वापस जाने को कहा जाए।

पंचकूला में डेरा सच्‍चा सौदा के समर्थक ऐसे लेटे हैं सड़कों और पार्कों में

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर से बात की और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया। इस बीच पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 72 घंटों के लिए इंटरनेट, डाटा सर्विस सस्पेंड कर दी गई है। रेलवे ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व राजस्थान जाने वाली 30 ट्रेनों को रद्द कर दिया है तो रोडवेज ने विभिन्न रूटों पर बस सेवाएं भी बंद कर दी हैं। बता दें कि 25 अगस्त पंचकूला सीबीआई कोर्ट में होने वाले फैसले से पहले ही लाखों की संख्‍या में राम रहीम के समर्थक पंचकूला में पहुंच रहे हैं।

जरूरत पड़ी तो आर्मी बुलाएंगे : हरियाणा सरकार

डेरा सच्‍चा सौदा समर्थकों के जमा होने और कानून-व्यवस्था के सवाल पर हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी ने सभी तैयारियां पूरी होने का भरोसा दिया। चीफ सेक्रेटरी राम निवास ने कहा, ‘हमने सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेस की 53 कंपनियां तैनात की हैं। इसके अलावा हरियाणा पुलिस के 50,000 जवान भी तैनात किए गए हैं। हर घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है। हमने निगरानी के लिए ड्रोन लगा रखे हैं। हमने आर्मी को भी पहले से बता रखा है और अगर जरूरत पड़ी तो हम आर्मी को बुलाएंगे।’

हम कोर्ट जरूर जाएंगे : राम रहीम

इस बीच, गुरुवार को बाबा गुरमीत राम रहीम ने अपने फेसबुक अकाउंट में लिखा, ‘हमने सदा कानून का सम्मान किया है। हालांकि हमारी पीठ में दर्द है, फिर भी कानून का पालन करते हुए हम कोर्ट जरूर जाएंगे। हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है। सभी शान्ति बनाए रखें।’

Read More : https://www.bhaskar.com/news/c-3-haryana-government-looking-fails-in-security-arrangements-in-ram-rahim-case-high-court-ch0409-NO.html