• डेरा मामला : पंचकूला और आसपास धारा 144 के बावजूद डेरा समर्थकों की जुटान पर हाईकोर्ट सख्‍त
  • केंद्र सरकार को और भी सख्त कदम उठाने और बड़ी संख्‍या में फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए
  • हाईकोर्ट ने सख्‍त लहजे में केंद्र से कहा, अगर आप कुछ नहीं कर सकते तो हम आर्मी को आदेश दें
  • सुरक्षा के मद्देनजर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 72 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट और बस व ट्रेन सेवाएं बंद

चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर लगे साध्वी यौन शोषण के मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट 25 अगस्‍त को फैसला सुनाएगी। इस बीच पंचकूला व आसपास के क्षेत्रों में भारी तादाद में डेरा प्रेमियों के आने और कानून व्यवस्था बिगड़ने को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने और अधिक फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा कि हरियाणा के डीजीपी मामले से निपटने में पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। हाईकोर्ट उन्हें डिसमिस करने का आदेश जारी कर सकता है।

हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस ने केंद्र को आदेश दिया कि वह इस मामले में सख्त कदम तत्काल उठाए, क्योंकि हरियाणा सरकार इस मामले में विफल नजर आ रही है। केंद्र और फोर्स तैनात करे, हम नहीं चाहते कि जाट आंदोलन जैसा हाल हरियाणा में हो। कोर्ट ने कहा कि अगर आप कुछ नहीं कर सकते तो हम आर्मी को आदेश दें। इस पर केंद्र के वकील ने उचित कदम उठाने का कोर्ट को आश्वाशन दिया। कोर्ट ने कहा कि वह तीन दिन से देख रहे हैं कि क्या हो रहा है। कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव को इस मामले में तुरंत उचित संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती का आदेश देने को कहा।

कोर्ट ने गुरुवार को ही इस बाबत लंच के बाद रिपोर्ट देने का आदेश‍ दिया है। कोर्ट ने आईबी को भी कहा कि वो राज्य सरकार को इनपुट दे। कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि वो हरियाणा के डीजीपी को डिसमिस करने के आदेश जारी कर सकता। डीजीपी इस मामले में पूरी तरह फेल हैं। शर्म की बात है कि कानून व्यवस्था के लिए कोर्ट को आदेश जारी करना पड़ रहा है। कोर्ट रिपोर्ट आने बाद डीजीपी को डिसमिस करने के आदेश जारी कर सकता है। कहीं भी धारा 144 नजर नहीं आ रही, पुलिस क्या कर रही है।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैठक

तीन राज्यों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब गवर्नर हाउस में ही हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की कोर्डिनेशन कमेटी की बैठक हुई। इसमें तीनों राज्यों में तत्काल प्रभाव से 72 घंटे के लिए इंटरनेट और मोबाइल डाटा सेवाएं बंद करने का फैसला लिया गया। साथ ही 72 घंटे के लिए बस और ट्रेन सेवाओं को भी पूरी तरह बंद करने का फैसला हुआ। पंजाब के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी की अध्यक्षता में हुई बैठक में और भी कई फैसले लिए गए। दोपहर बाद हरियाणा के गृह सचिव हाईकोर्ट में पेश होकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी कोर्ट को देंगे।

बैठक में बताया गया कि हरियाणा में 35 कंपनियां अर्द्धसैनिक बलों की पहुंच चुकी हैं। आठ कंपनियां पहले अलाट हो चुकी हैं और 10 कंपनियां अभी अलाट हुई हैं। इन 18 कंपनियों के आज शाम तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद राज्य में कुल 53 कंपनियां हो जाएंगी। हरियाणा सरकार ने धारा 144 लागू करने में भी संशोधन किया है। पहले सिर्फ हथियार लेकर आने पर ही पाबंदी थी। अब लोगों के जमा होने पर भी रोक लगा दी गई है। पंचकूला में संवेदनशील स्थान पर जमा लोगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद हरियाणा सरकार सजग हुई है।

Read More : http://www.jagran.com/haryana/panchkula-internet-and-mobile-data-services-off-in-haryana-punjab-and-chandigarh-16594461.html