• मेडिकल कॉलेज हादसे के बाद सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने दी सफाई, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
  • 9 जुलाई व 9 अगस्त को सीएम के दौरे पर किसी ने नहीं उठाया ऑक्सीजन का मुद्दा : सिद्धार्थ नाथ

लखनऊ। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच दिनों में हुई 60 मौतें और पिछले 36 घंटों में हॉस्पिटल में हुईं 30 मौतों को लेकर मच रहे बवाल के बीच मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार देर शाम कहा, ‘ये घटना कल से मीडिया में छाई है, मीडिया बधाई का पात्र है। लेकिन मैं मीडिया से तथ्यों को सभी परिप्रेक्ष्य में रखने की गुजारिश करता हूं क्‍योंकि मीडिया में अलग-अलग आंकड़े आए हैं। मेरी संवेदना उन परिवारों के साथ है, जिन्‍होंने अपने बच्‍चों को खोया है।’

मुख्‍यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘गोरखपुर हादसे से निपटने के लिए केंद्र सरकार मदद कर रही है। पीए मोदी ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल और स्‍वास्‍थ्‍य सचिव को गोरखपुर भेजा है। मेरी सरकार के दो मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह व आशुतोष टंडन और अधिकारी भी दौरे पर गए हैं। मैंने उन्‍हें कहा है कि वे पता करें कि बच्‍चों की मौतें किस वजह से हुई हैं।’ सीएम ने आगे कहा, ‘क्या ऑक्सीजन की सप्लाई रुकने से मौत हुई हैं? सही आंकड़ा क्या है? हमने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। योगी ने कहा कि ऑक्‍सीजन की कमी से मौत एक जघन्‍य कृत्‍य है और इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।’ उन्‍होंने कहा कि ‘अगर ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई है तो आपूर्तिकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। सप्लायर की भूमिका की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। सप्लायर को 8 वर्ष का ठेका पिछली सरकार ने दिया था। हम सभी तथ्यों को रख पाएं तो बेहतर होगा।’

इससे पहले शनिवार को ही गोरखपुर पहुंचे यूपी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा था कि 9 जुलाई और 9 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हॉस्पिटल आए थे लेकिन उस वक्त ऑक्सीजन का मुद्दा किसी ने नहीं उठाया। उन्‍होंने बताया कि कुछ घंटों के लिए ऑक्‍सीजन की सप्लाई जरूर बाधित हुई थी, लेकिन मौत का कारण गैस सप्लाई में बाधा नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत का कारण सिर्फ ऑक्सीजन की कमी नहीं है, जिस वक्त ऑक्सीजन सप्लाई नहीं थी, उस वक्त ये मौतें नहीं हुईं। सिद्धार्थ नाथ ने कहा, हम 23 मौतों को कम आंकने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। 2014 से आंकड़े न‌िकलवाए हैं। अगस्त के महीने में बच्चों की मौतों का औसत 19 प्रत‌िद‌िन होता है। 2015  में 22 और 2016 में प्रत‌िद‌िन 19 से ज्यादा है।

मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्र

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल सस्‍पेंड, प्रिंसिपल बोले – खुद इस्‍तीफा दिया

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 36 घंटे में 30 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्र को निलंबित कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शनिवार को बताया कि मामले में लापरवाही बरतने के कारण कॉलेज के प्रिंसिपल को निलंबित किया गया है। हालांकि दूसरी तरफ प्रिंसिपल ने कहा कि बच्‍चों की मौत की नैतिक जिम्‍मेदारी लेते हुए उन्‍होंने खुद ही इस्‍तीफा दे दिया है। प्रिंसिपल के इस बयान के बाद उनके निलंबन का कोई मतलब नहीं रह गया है।