• 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से ठेकेदार ने ठप कर दी थी ऑक्सीजन की सप्लाई
  • मेडिकल कॉलेज प्रशासन लापरवाही पर फिलहाल पर्दा डालने में जुटा, सिर्फ 7 मौतों की पुष्टि

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के अगले ही दिन शुक्रवार को यहां बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन की सप्लाई ठप होने से 22 मासूमों समेत 30 लोग मौत के आग़ोश में समा गए। मरने वालों में 10 बच्चे नियोनेटल वार्ड और 12 इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की बड़ी लापरवाही के चलते 30 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। यह आंकड़ा अभी बढ़ भी सकता है। अस्‍पताल में चारों तरफ अफरातफरी मची हुई है।

इलाज के अभाव में बच्‍चों की मौत के बाद रोते-बिलखते उनके परिवारीजन

बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई गुरुवार रात से ठप कर दी थी। लिक्विड ऑक्सीजन तो गुरुवार से ही बंद थी और शुक्रवार को सारे सिलेंडर भी खत्म हो गए। इंसेफेलाइटिस वार्ड में मरीजों को दो घंटे तक अम्बू बैग से ऑक्‍सीजन दी गई। 12 बजे कुछ सिलेंडर पहुंचे लेकिन इंसेफेलाइटिस इमरजेंसी वार्ड में अब भी सिलेंडरों की क्राइसिस बनी हुई है। इंसेफेलाइटिस के वार्ड नंबर 100 में हर डेढ़ घंटे में 16 सिलेंडर खर्च हो रहे हैं।

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती एक मासूम

उधर, दूसरी तरफ मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत को खारिज करते हुए यह कहा है कि दोपहर बाद से ऑक्सीजन की सप्लाई सुचारु हो गई है। जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिनों में 30 मौतें हुई हैं जिनकी अलग-अलग वजहें हैं। ऑक्सीजन की कमी से फ़िलहाल 7 लोगों की मौत की बात अभी सामने आई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन लापरवाही से हुई इन मौतों पर फिलहाल पर्दा डालने में लगा हुआ है। बताया जा रहा कि घंटों तक मरीजों को अंबू बैग के सहारे किसी तरह आक्सीजन की सप्लाई की गई लेकिन वह नाकाफी साबित हुई।

बता दें कि मेडिकल कॉलेज में बीते दो सालों से परिसर में लगे लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से इंसेफेलाइटिस वार्ड और नियोनेटल वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है। इस प्लांट से करीब 300 मरीजों को प्रतिदिन ऑक्सीजन की जरूरतों को पूरा किया जाता है। बताया जा रहा है कि आक्सीजन सप्लाई का ठेका जिस फर्म को है उसका करीब 69 लाख रुपये बकाया है। भुगतान में देरी के चलते गुरुवार शाम को फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई ठप कर दी। इसके बाद से मेडिकल कॉलेज के नेहरू चिकित्सालय में हाहाकार मच गया। लगातार हो रही मौतों से वार्डों में कोहराम मचा हुआ है। चारों तरफ चीख पुकार और अफरातफरी का माहौल है।