स्मार्ट फ़ोन जरूरत ही नहीं, आदत बन चुका है। सोते समय भी लोग अपना फ़ोन पास में तो रखते ही हैं बल्कि सड़कों पर चलते समय भी स्मार्ट फ़ोन का इस्तेमाल करते रहते हैं. हालाँकि ये आदत आपके शरीर की बनावट को भी बदल सकता है। ब्रिटिश और भारतीय वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि लगातार फ़ोन पर अपने टेक्स्ट या ईमेल को चेक करने की आदत न केवल आपकी चाल – ढाल बदलती है, बल्कि कई बीमारियों को जन्म देती है।



the2is.com की दीपाली अग्रहरि की रिपोर्ट :

कैम्ब्रिज की एंजलिया रस्किन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता मैथ्यू टिमिस ने पाया कि जो लोग सड़कों पर पैदल चलते समय स्मार्ट फोन पर टेक्स्ट करते हैं या फ़ोन पर बात करते हैं, उनकी चलने की स्पीड, फ़ोन इस्तेमाल न करने वालों की अपेक्षा कम होती है और उनकी चाल बिल्कुल वैसी ही हो जाती हैं जैसे एक कैदी (आगे झुका हुआ)। उनका दावा है कि स्मार्ट फ़ोन के लगातार इस्तेमाल नेलोगों में गर्दन और पीठ के क्रोनिक दर्द को बढ़ावा भी दिया है।

smartphone body change

दिल, नर्वस सिस्टम पर पड़ता है असर

ओर्थोपेडिक डॉ. आर के खन्ना ये मानते हैं कि लगातार फोन के इस्तेमाल से ह्रदय और नर्वस सिस्टम पर असर के साथ – साथ सरवाईकल की समस्या भी हो जाती हैõ

हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद रफीक बताते हैं कि टेक्स्ट करते समय हाथ के अंगूठे का ज्यादा इस्तेमाल होता है, जिससे अंगूठे में फ्रेक्वेन्सी बनी रहती है और उसमें स्थाई कम्पन हो सकता है। गर्दन और कंधे के बीच फ़ोन फंसा के बात करते रहने से गर्दन एक तरफ को झुक जाती है, और नसें खिंच जाती हैं और यह स्पोंडलाइटिस की समस्या को जन्म डेता है.

ओर्थोपेडिक डॉ नरेन्द्र दत्त बताते हैं कि ज्यादातर लोग फ़ोन के टेक्स्ट या व्हाट्स एप्प को सड़क पर चलते समय या कहीं भी बैठे हुए सर नीचे झुका कर पढ़ते हैं। इससे गर्दन पर तो असर पड़ता ही है साथ ही सर दर्द और बैक पेन की समस्या भी देता है। शरीर में हड्डियों या नस के डिसबैलेंस से कई तरह की समस्या बनती है। आमतौर पर गर्दन और पीठ में दर्द की समस्या 18 से 25 उम्र के लोगों में देखने को मिल ही रही है, वहीं बच्चों में ये 12 की उम्र से शुरू हो जाती है।

ओर्थोपेडिक डॉ रीता सिंह ने बताया कि ज्यादा फोन का इस्तेमाल गर्दन की नसों को नुकसान पहुंचाता है इससे लगातार दर्द और गर्दन भी टेढ़ी बनी रहती है और उसके मूवमेंट में भी दिक्कत आने लगती है सड़क पर चलते – चलते लगातार फोन के इस्तेमाल से कई बार लोग हादसों का शिकार भी हो जाते हैं।

बीमारी देता है स्मार्ट फोन

अंगूठे पर प्रेशर से अंगूठे का शेक करते रहना

हाथ की कलाइयों के शेप में बदलाव आना

नेक और बैक में क्रोनिक पेन

नर्वस सिस्टम पर असर

ब्रेन पर स्ट्रेस