• सब्जियों के जरिए शरीर में पहुंच जाते हैं कीड़े
  • दिमाग में कीड़े पहुंचना खतरनाक, मरीज को पड़ते हैं मिर्गी जैसे दौरे

छुटपन से सुनते आए हैं कि हरी और पत्‍तेदार सब्जियां सेहत का खज़ाना होती हैं। इन्‍हें खाने से दिमाग तेज़ होता है, आंखों की रोशनी बढ़ती है लेकिन अब जरा सावधान हो जाएं जिन सब्जियों को आप सेहत की गारंटी मानकर खाते आए हैं, थोड़ी सी लापरवाही उनको उतनी ही नुकसानदेह, और यहां तक कि जानलेवा भी बना सकती हैडॉक्टरों का कहना है कि इन सब्जियों के जरिए शरीर में ऐसे कीड़े पहुंच सकते हैं, जो आपको गंभीर बीमारी दे सकते हैं। इनसे लिवर व किडनी खराब हो सकते हैं। और तो और, ये कीड़े दिमाग़ तक पहुंच सकते हैं, जिससे मिर्गी जैसे दौरे पड़ सकते हैं। the2is.com के लिए प्रस्‍तुत है धर्मेन्‍द्र त्रिपाठी की रिपोर्ट :

फूल गोभी, पत्ता गोभी, बैंगन और भिंडी जैसी सब्जियां भी आपको बीमार बना सकती हैं। डॉक्‍टरों का कहना है कि इन सब्जियों में कीड़ा लगना आम बात है, लेकिन अगर ये कीड़े आपके शरीर में चले गए तो फिर आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। यदि आप सब्‍जि‍यों को अच्‍छी तरह साफ कर प्रयोग में नहीं लाते हैं तो आपके दि‍माग की झि‍ल्‍ली में पानी या कीड़े हो सकते हैं। इस बीमारी को न्‍यूरोसि‍स्‍ट सरकोसि‍स कहते हैं। इस बात का खुलासा केजीएमयू, लखनऊ के न्‍यूरोलॉजी वि‍भाग के डॉ. हरदीप सिं‍ह मलहोत्रा ने अपने रि‍सर्च में किया है।



डॉ. मलहोत्रा कहते हैं कि‍ खाने-पीने की चीजों को बिना धोए खाने से, खासकर कच्ची सब्जियों (गोभी, पालक, मूली), अधपकी सब्जी और मांस खाने की वजह से यह बीमारी होती है। कई बार सब्जी उगाने वाले अच्छी पैदावार के लिए नालों के पानी (सीवेज) का इस्तेमाल करते हैं या ऐसी जगह सब्जियां उगाते हैं जहां फैक्ट्रियों का गंदा पानी गिरता है। ऐसी जगहों पर पैदावार तो अच्छी होती है लेकिन ये सब्जियां सेहत की बजाय बीमारी देती हैं। ऐसे पानी से सब्जियों में कई तरह के बैक्‍टीरिया पैदा हो जाते हैं।

भोजन की नली से आंत में पहुंचते हैं कीड़े

जो लोग अच्‍छे तरीके से धोए बगैर सब्जियों का सेवन करते हैं, उनके शरीर में ये कीड़े या सिस्ट (अंडे) शरीर में दाखिल हो जाते हैं। आंतों में पहुंचने के बाद सिस्ट कुछ दिनों में ही हजारों अंडों में बदल जाते हैं। इनकी संख्‍या लगातार बढ़ती रहती है। अंडे और लार्वा का आकार इतना छोटा होता है कि वह किडनी से होते हुए खून में चले जाते हैं। इसके बाद वो शरीर के किसी भी हिस्से तक पहुंच सकते हैं। जब सिस्ट दिमाग में पहुंच जाते हैं तो तंत्रिका तंत्र (nervous system) को प्रभावित करते हैं। इससे नर्वस सिस्टम में सूजन आ जाती है और मिर्गी जैसे दौरे पड़ने लगते हैं। यह स्थ्‍िाति बेहद खतरनाक होती है। इसे न्यूरोसिस्ट सरकोसिस कहते हैं। कई बार इससे आंख की रोशनी तक चली जाती है।

 सीटी स्‍कैन या एमआरआई से पकड़ में आती है बीमारी

डॉ. हरदीप बताते हैं कि‍ इस बीमारी का पता सीटी स्कैन से चलता है। यदि सीटी स्कैन से भी पकड़ में न आए तो एमआरआई कराने की सलाह दी जाती है। यदि दिमाग में सिस्ट बड़ी संख्या में होते हैं तो उन्‍हें सर्जरी करके निकाला जाता है। इस बीमारी का इलाज कम से कम तीन साल तक चलता है।

एहतियात बरतना जरूरी

गंदे पानी और वातावरण में टैप वर्म, इकोलाई, सैलमोनेला जैसे रोग पैदा करने कीड़े सब्जियों और फलों में तेजी से पनपते हैं। निजी क्‍लीनिक चलाने वाले डॉ. पंकज का कहना है कि ये कीड़़े और बैक्‍टीरिया छोटे बच्चों, बूढ़ों तथा कमजोर लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक होते हैं। जरूरी है कि कच्ची सब्जियों, कच्चे फलों, अंकुरित अनाज, सलाद आदि का इस्तेमाल खूब अच्छी तरह धोने के बाद ही करें। कच्चे मांस व अंडे का उपयोग कतई ना करें।

सब्जियां धोने में गुनगुने पानी का इस्‍तेमाल करें

डीन फैकल्‍टी ऑफ आयुर्वेद, लखनऊ विश्‍वविद्यालय से सेवानिवृत्‍त चिकित्‍सक डॉ. शिव कुमार मिश्र का सुझाव है कि विशेष रूप से बरसात के मौसम में उगी हरी सब्जियों का प्रयोग करने में सावधानी बरतें। गुनगुने पानी में धोने के बाद ही इनका इस्‍तेमाल करें।

तेज आंच में पकाएं पत्तेदार सब्जियां
फिजिशियन डॉ. आशुतोष दुबे का कहना है कि बारिश में पत्तेदार सब्जियों में गंदगी सबसे ज्यादा होती है, जो धोने से भी नहीं जाती हैं, इसलिए जरूरी है कि खाने से पहले इन्हें गर्म पानी में धोया जाए तब इनका इस्तेमाल किया जाए। साथ ही, इन्हें तेज आंच में अच्छे से पकाने के बाद ही इनका सेवन करें वरना पेट में संक्रमण हो सकता है।