• ब्लड प्रेशर नापने की इलेक्ट्रॉनिक मशीन नहीं देती सही रीडिंग
  • कनाडा में हुए एक शोध अध्‍ययन में खुलासा

आप घर बैठे ब्लड प्रेशर तो नहीं नाप रहे? अगर आपका जवाब हां है तो आपके लिए कुछ चीजों का जानना बहुत ज़रूरी है। अमेरिकन जर्नल ऑफ हाइपरटेन्शन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, ब्लड प्रेशर नापने के लिए मार्केट में जो इलेक्‍ट्रॉनिक मशीनें आ रही हैं, वो सही रीडिंग नहीं देती हैं। इन मशीन में 5 से 10एमएमएचजी का अंतर आता है। और गलत रीडिंग का मतलब है गलत मेडिकेशन। प्रस्‍तुत है the2is.com के लिए शैली अस्थाना की रिपोर्ट :

कनाडा में हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि इलेक्‍ट्रॉनिक मशीन से ब्‍लड प्रेशर मापने पर ज्यादातर समय रीडिंग गलत आती हैं जिससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। कैलगरी स्थित अल्बर्टा विश्वविद्यालय के जेनिफर रिंगोस की अगुआई वाली एक टीम ने औसतन 66 साल की उम्र के 85 मरीज़ों पर परीक्षण किया जो इलेक्‍ट्रॉनिक बीपी मशीनों का इस्तेमाल कर रहे थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि करीब 70 फीसदी लोगों की रीडिंग में 5 एमएमएचजी का अंतर देखने को मिला, वहीं 30 फीसदी मामलों में यह अंतर 10 एमएमएचजी तक था। रिंगोस का कहना है कि इस रीडिंग के आधार पर यदि हम हाइपरटेंशन का इलाज करते हैं तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्‍यकता है कि घर में मापने वाली रीडिंग सही हों।



शोधकर्ताओं का मानना है कि इन उपकरणों के गहन मूल्यांकन की आवश्यकता है। ज्‍यादातर ऐसी मशीनें बिना किसी टेस्टिंग के बेची जाती हैं। हालांकि शोध टीम और कई फिजिशियन का मानना है कि घर में ब्‍लड प्रेशर की निगरानी मरीजों के लिए सुविधाजनक है और इलाज में भी इसके फायदे हैं।

मधुमेह और इससे होने वाले हृदय रोग के विशेषज्ञ डॉ. रॉबर्ट कॉर्गी ने भी शोध के परिणामों पर चिंता जताई है। न्‍यूयॉर्क के नॉर्थवेल हेल्‍थ्‍स साउथसाइड हॉस्पिटल से जुड़े डॉ. कॉर्गी ने कहा, ‘इस अध्ययन से पता चलता है कि उच्च रक्तचाप का इलाज करना इतना मुश्किल क्यों है। अगर घर में इस्‍तेमाल होने वाली इलेक्‍ट्रॉनिक बीपी मशीनें सही रीडिंग देतीं तो शायद हम हाई ब्‍लड प्रेशर का इलाज और बेहतर ढंग से कर पाते।’

तो क्‍या हम यह कहें कि इलेक्‍ट्रॉनिक मशीनों से बीपी नापना बंद कर देना चाहिए? शायद नहीं। जेनिफर रिंगोस कहती हैं कि इन उपकरणों के साथ गलत रीडिंग को कम करने के कई तरीके हैं। रिंगोस की सलाह है कि घर में ब्‍लड प्रेशर मापने के बाद क्‍लीनिक में भी पारे वाली मशीन से रक्‍तचाप जरूर नपवाएं और उसके बाद इलेक्‍ट्रॉनिक मशीनों की रीडिंग पर भरोसा करें। साथ ही एक से अधिक बार यानी कम से कम तीन बार रीडिंग लें, इससे सही ब्‍लड प्रेशर जानने में सहूलियत होगी।

सही ब्लड प्रेशर के मुकाबले कम या अधिक रीडिंग के कारण लोग अक्सर गलत उपचार करने लगते हैं, जिससे दिल के दौरे, स्ट्रोक या गुर्दा की बीमारी का खतरा होता है। कई बार गलत रीडिंग के कारण लोग दवाओं की हाई डोज़ लेते हैं, जिससे चक्कर आना, थकान, नपुंसकता, खाँसी या सूजन जैसी तकलीफें हो सकती हैं। इस संबंध में हमने कुछ डॉक्टरों से बात कर उनकी राय भी जानी –

वयस्कों हेतु रक्तचाप वर्गीकरण

लखनऊ के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पियूष खरे बताते हैं कि घर पर ब्लड प्रेशर नापने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन मापने का सही तरीका मालूम होना ज़रूरी है। अगर सही ढंग से मापा जाए तो मशीन से नापने में और एक्चुअल ब्लड प्रेशर में बहुत ज्‍यादा फर्क नहीं आता।

जांच के नियम

  • सीढ़ियां चढ़ने, दौड़ने-भागने के तुरंत बाद ब्‍लड प्रेशर की जांच न करें, ऐसे में बीपी बढ़ा हुआ आता है।
  • तनाव या चिंता के कारण भी रीडिंग में बढ़ोतरी हो सकती है।
  • जांच के समय कुर्सी पर आराम से बैठें और पैर सीधे जमीन पर रखें हों।
  • आपकी पीठ किसी सहारे से टिकी हो, साथ ही आपका हाथ भी मेज या किसी समतल स्‍थान पर होना चाहिए। अगर आपकी पीठ को कोई सहारा नहीं है तो ऐसे में रीडिंग में 6 एमएमएचजी का अंतर आ सकता है।
  • जांच के आधा घंटा पहले से चाय, कॉफी, कोला ड्रिंक और धूम्रपान नहीं करना चाहिए। इनके सेवन से बीपी अगले 15 से 20 मिनट के लिए बढ़ जाता है।
  • बीपी मशीन के पट्टे की चौड़ाई बांह की मोटाई के अनुसार होनी चाहिए। वह इतना चौड़ा हो कि बांह का लगभग तीन-चौथाई घेरा उसमें आ जाए।
  • बांह में बाँधी गई पट्टी अगर हॄदय की सीध में न रखी जाए तो बीपी गलत आएगा।
  • जब आपका मूत्राशय खाली होगा तब आपका ब्लड प्रेशर कम हो जाएगा।
  • यदि आप बीपी मापने के दौरान किसी से बात कर रहे हैं तो रीडिंग 10 से 15 एमएमएचजी तक बढ़ सकती है।

फिजिशियन डॉ. गोपेश शर्मा का कहना है कि इलेक्‍ट्रॉनिक बीपी मशीन का इस्‍तेमाल करने से पहले मशीन की जांच एक बार अपने डॉक्टर से ज़रूर करा लें ताकि वो सही रीडिंग के बारे में आपको बता सके। बीपी मापने के बाद डॉक्टर से कंसल्ट करके ही कोई दवा लें। हृदय रोगों और मधुमेह से पीडि़त लोगों को निरंतर अपना बीपी मापना चाहिए और वो भी सही तरीके से।

देखिये –

http://consumeraffairs.nic.in/consumer/writereaddata/BloodPressureMonitor.pdf