• ‘एंटी रोमियो’ अभियान में 7 लाख से अधिक लोगों से पूछताछ
  • बीते दो महीनों 538 मनचलों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे

भारतीय जनता पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव के समय अपने संकल्प पत्र में महिलाओं के साथ छेड़खानी रोकने के लिए एंटी रोमियो दस्ता बनाने की बात कही थी। उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत से जीतने के बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ने शपथ लेते ही अपने संकल्प पत्र पर अमल शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में मनचलों के खिलाफ एंटी रोमियोअभियान चलाने का निर्देश दिया। इसके बाद हर ज़िले के हर थाने में एंटी रोमियो स्क्वॉडका गठन कर दिया गया। अब 22 मार्च, 2017 से 28 मई, 2017 के बीच चलाए गए इस अभियान के आंकड़े सामने आए हैं। इसके अनुसार, गोरखपुर जोन में सबसे ज्‍यादा शोहदे पकड़े गए। प्रस्‍तुत है The2is के लिए धर्मेन्‍द्र त्रिपाठी की रिपोर्ट :

19 मार्च को शपथग्रहण के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के निर्देश पर 22 मार्च को गठित एंटी रोमियो स्क्वाड ने प्रदेशभर में सार्वजनिक स्थलों, चौराहों, मार्केट, मॉल, स्कूल, बस स्टेशनों एवं रेलवे स्टेशनों के बाहर और पार्कों में अभियान चलाया। प्रदेश के सभी आठ पुलिस जोन में इस अभियान के दौरान कुल दो लाख से अधिक स्थलों पर सात लाख 42 हजार से अधिक व्यक्तियों की जांच की गई। इस अवधि में तीन लाख 38 हजार से अधिक व्यक्तियों को पुलिस द्वारा दोबारा गलती न करने के लिए सचेत किया गया। इस दौरान सबसे ज्यादा मेरठ में 190874 लोगों की चेकिंग की गई जिसको लेकर नई सरकार अब अपनी पीठ भी थपथपा रही है।

दर्ज किए गए 538 मामले
पुलिस द्वारा इस अभियान के तहत कुल 538 मुकदमे दर्ज किए गए। इसके अलावा 1264 लड़कों को वैधानिक चेतावनी देकर छोड़ने का दावा प्रदेश सरकार ने किया है। इस अभियान में राह चलती बालिकाओं एवं महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसके लिए सादे कपड़ों में महिला कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई ताकि शोहदों द्वारा आपत्तिजनक हरकत करने के संबंध में सही सूचना मिल सके।

22 मार्च ,2017 से 28 मई ,2017 तक की गई कार्रवाई

गोरखपुर जोन में शोहदों पर सबसे ज्‍यादा शामत 

इन आंकड़ों के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में सबसे ज्यादा शोहदों की शामत आई है। आकड़ों की मानें तो गोरखपुर जोन में सबसे ज्यादा शोहदों व असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की गई। गोरखपुर जोन में एक ही दिन 19 अप्रैल को कुल 1116 शोहदों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें से 403 शोहदों को अरेस्ट करके जेल भेज दिया गया, वहीँ 713 शोहदों से माफीनामा लिखवाया गया। दो महीनों में कुल 341 मुकदमे दर्ज किए गए और 816 लोगों पर कार्रवाई भी की गई। इस दौरान सबसे कम लखनऊ में 19 मुकदमे और 40 लोगों पर कार्रवाई हुई।

अभियान के साथ शुरू हो गई थी राजनीति भी

विपक्ष एंटी रोमियो स्क्वाड और इसके काम करने के तरीके पर लगातार सवाल उठाता रहा है और इसे मौलिक अधिकारों के हनन की संज्ञा देता रहा है। विपक्षी दलों ने इसे ‘मॉरल पुलिसिंग’ तक करार दिया। इसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसे ‘मॉरल पुलिसिंग’ नहीं, बल्कि ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ कहा। हाईकोर्ट ने कहा कि जो लोग इसे ‘मॉरल पुलिसिंग’ का नाम दे रहे हैं, उन्‍हें यह भी समझना चाहिए कि किसी भी सरकार की प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा करना होता है।

अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया ने भी की थी आलोचना

एंटी रोमियो स्क्वाड की अपने देश में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी जमकर आलोचना की। इसकी तुलना तालिबानी शासन से की। विदेशी मीडिया ने एंटी रोमियो स्क्वाड की कार्रवाई को लोगों की आज़ादी पर प्रतिबंध जैसा करार दिया। ब्रिटिश अखबार द टेलिग्राफ के मुताबिक, स्‍क्‍वाड का गठन करने वाले इस दल को कई लोगों ने तालिबान जैसा मोरल पुलिसिंग करने वाला करार दिया है। द डेली एक्सप्रेस के मुताबिक एंटी रोमियो स्‍क्‍वाड ने उन परिवारों में खलबली मचा दी है, जिनके बच्चे एंटी रोमियो स्क्वैड द्वारा पकड़े जाते हैं। इन परिवारों मानना है कि सरकार उनके बच्चों को निशाना बना रही है। द गार्जियन के अनुसार, कुछ लोगों का कहना है कि एंटी रोमियो दल सिर्फ धर्म विशेष के लोगों को निशाना बना रहे हैं। वहीं, अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही दो फैसलों से अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। सीएम ने सबसे अवैध कत्लखाने बंद करा दिए और मनचलों पर कार्रवाई के लिए एंटी रोमियो दल का गठन कर दिया। कई लोग इसे मोरल पुलिसिंग करार दे रहे हैं।

हालांकि यूपी सरकार ने अपनी ओर से आंकड़ा जारी कर यह तो साबित कर दिया कि रोमियो अब सरकार की गिरफ्त से दूर नहीं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ मनचलों को पकड़ने के नाम पर किसी की आजादी का हनन न हो, इसके लिए एंटी रोमियो स्क्वाड को अपने आचरण में सुधार करना होगा, इसमें भी कोई दो राय नहीं है।