मच्‍छरों से फैलने वाला खतरनाक जीका वायरस अब भारत में आ पहुंचा है। जीका वायरस, एडीज एजिप्टी नामक मच्छरों के काटने से होने वाली घातक वायरल बीमारी है। यह डेंगू से भी ज्यादा खतरनाक है। भारत में इसका प्रकोप पहली बार देखने को मिला है। गुजरात के अहमदाबाद में जीका वायरस से पीड़ित तीन मरीज मिले हैं। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री शंकर चौधरी ने कहा है कि जीका वायरस के कुछ मामले सामने आए थे, हमने तुरंत ही विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार की गाइडलाइंस के तहत कार्रवाई की, जिससे इससे निपटने में कामयाब रहे। क्या है जीका वायरस और कैसे इससे बचा जाए, बता रही हैं शैली अस्थाना :



जीका वायरस के लक्षण क्या हैं ?

जीका वायरस के लक्षण डेंगू और चिकनगुनिया जैसे ही होते हैं। इनमें प्रमुख है – बुखार, बैचैनी, जोड़ों का दर्द, आँखों का लाल होना।

क्या है इस वायरस का इलाज?

अब तक इस बीमारी की कोई वैक्सीन नहीं बन पाई है। संक्रमित लोगों को ज्यादा से ज्यादा आराम और दर्द और बुखार की दवा लेनी चाहिए। तरल आहार लेना चाहिए।

डॉक्टरों की राय

होम्‍योपैथी कलीनिक चलाने वाले डॉ वी.डी. जोशी का कहना है कि होम्‍योपैथी में जीका से बचने का कोई उपाय नहीं है, इसलिए सबसे जरूरी है प्रिवेंशन, यानी मच्छरों से बचा जाए। ये मच्छर साफ़ पानी में पनपते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि कहीं भी पानी जमा न हो। जितना हो सके, अपने शरीर को ढककर रखें।

जनरल फिजीशियन डॉ. अनुराग मिश्र  ने बताया कि अभी लखनऊ में जीका का कोई केस नहीं आया है। वैसे इसकी कोई विशेष दवा नहीं है, सिर्फ मच्छरों से बचाव ही एकमात्र उपाय है।

लखनऊ के एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि अमौसी एअरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों कि स्क्रीनिंग होगी फिर चाहे वो डोमेस्टिक हो या इंटरनेशनल यात्री। इसके लिए एक टीम तैयार की गई है जिसमें एक डॉक्टर, पैरामेडिकक, लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय और स्टाफ नर्स होगी। टीम तीन शिफ्टों में काम करेगी।

डॉ. तौकीर रज़ा  का भी यही कहना है कि मच्छर से बचाव के जरिए ही इस वायरस से बचा जा सकता है। जहाँ तक इलाज की बात है, अपने आप कोई दवा नहीं खाएं। एंटीबायटिक या दर्द की दवा ना लें। आराम करें और लिक्विड अधिक से अधिक लें।

होम्‍योपैथी क्‍लीनिक चलाने वाले डॉ. दीपक अग्निहोत्री ने बताया कि जीका वायरस की कोई स्पेसिफिक वैक्सीन अभी तक नहीं आई है।

करीब 10 साल पहले इसकी शुरुआत पैसिफिक आइलैंड से हुई थी। एक साल पहले इसके लक्षण साउथ अमेरिका में पाए गए जहाँ अब तक 1 लाख से अधिक ब्राज़ीलियाई नागरिकों को यह वायरस अपनी  चपेट में ले चुका है। ब्राज़ील के अलावा जीका वायरस कोलंबिया, एक्‍वाडोर, हैती, मेक्सिको आदि को मिलाकर 18 देशों में पाया गया है। गर्भवती महिलाओं पर इस वायरस का ज्यादा प्रभाव पड़ता है।

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