ब्रिटिश  जनरल  ऑफ़ स्पोर्ट्स मेडिसिन में छपे एक आर्टिकल में डॉक्टरों के पैनल ने दावा किया  कि अगर आप रोज 22 मिनट चलते हैं तो आराम से बटर और क्रीम खा सकते हैं।

इस शोध के सम्बन्ध पर लखनऊ की the2is.com की रिपोर्टर दीपाली अग्रहरि  ने कुछ डॉक्टरों और हेल्थ के ट्रेनर्स की बात।

इस शोध से भारतीय डॉक्टर इत्तेफाक नहीं रखते है| भारतीय डॉक्टरों का कहना है कि ये शोध भारतियों के लिए सही नहीं है और इसके तथ्य गुमराह करने वाले हैं|

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में लिस्टर हॉस्पिटल के डॉक्टर असीम मल्होत्रा और अमेरिकी कार्डियोलॉजिस्ट  प्रोफेसर रीता रेडबर्ग  के इस शोध के बारे में किंग जॉर्ज  मेडिकल कॉलेज   के आयुर्वेद  डॉ. सुमित कुमार मिश्रा का कहना है कि केलोरीज को घटाने का बेहतर तरीका योग और व्यायाम  है । ये बात तो सच है कि बाहर का किसी भी तरह का  फैट युक्त पदार्थ शरीर को नुकसान ही पहुंचाता है।

हालाँकि  घी, तेल तो हार्ट के लिए कभी अच्छे नहीं रहते। इससे फर्क नहीं पड़ता कि घी घर का बना है या बाहर का|

डॉ. सुमित के हिसाब से यदि  सामान्य  व्यक्ति  खाली पेट या नाश्ते के आधे घंटे बाद लौकी का 200 – 250 ग्राम जूस पुदीना या तुलसी मिलाकर रोज पिया जाए तो इससे हार्ट की बीमारियों से भी बचा जा सकता है । इसके अलावा बादाम का तेल और अखरोट/काजू खाने से भी हार्ट की बीमारियों पर कंट्रोल किया जा सकता है। इनमें ओमेगा-3 पाया जाता है जो हार्ट की डेड सेल्स को फिर से जीवित करता है।



कार्डियोलॉजिस्ट  डॉ. सतेन्द्र प्रताप सिंह यादव का कहना है कि फैट युक्त कोई भी पदार्थ या भोजन चाहे वो घर के घी – तेल का बना हो या बाहर का, स्वास्थ्य के लिए  बहुत ज्यादा अच्छा नहीं। लोगों को हार्ट की बीमारी होना आम बात सी हो गयी है। दूषित हवाएं, प्रदूषण सीधे सांस के जरिए हार्ट पर असर करती हैं। आजकल की भाग – दौड़ की लाइफ में लोग अपनी सेहत पर ध्यान कम देते हैं तो सर्फ 22 मिनट चलने से ही नहीं बल्कि इन फैट युक्त पदार्थों को खाने से परहेज से आप हार्ट की बीमारियों से बच सकते हैं।

मोटापे से ग्रसित

रुपाली गांगुली मुंबई के प्रोडक्शन हाउस में एडिटिंग का काम करती है उनका कहना है कि “प्रोफेशनल लाइफ इतनी बीजी होती है कि व्यायाम करने का कोई समय नहीं मिलता और हमें फिट भी रहना पड़ता है हम ज्यादा फैट वाली चीज़ें इसलिए इग्नोर करते हैं। वॉक तो सभी चीज़ों के लिए अच्छी होती है पर लगातार रहे तो ठीक है।

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य और लखनऊ के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव रस्तोगी बताते हैं कि घर का बना घी बाजार के मिक्स घी से बेहतर होता है। यदि मक्खन की बात करें तो साल्ट रहित मक्खन अगर नार्मल व्यक्ति रोजाना खाए तो उसे नुक्सान नहीं करेगा। नार्मल व्यक्ति रोजान इतना तो चलता ही है, पर क्या सच में इससे उसके हार्ट को कोई फायदा है ये बहुत जरुरी है।

लखनऊ के डॉ रवि भास्कर ह्रदय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि भारत का तापमान विदेशों की तुलना में ज्यादा है। विदेशों में लोग वॉक के अलावा भी कई फिजिकल एकसरसाइज जैसे साइकिल चलाना, रोजाना जिम जाना आदि रोजाना करते ही है। लेकिन भारत के लोगों के लिए सिर्फ 22 मिनट की वॉक ही नहीं बल्कि कुछ व्यायाम करना भी जरुरी है और उसे कंटीन्यू रखना भी। जिसे अक्सर लोग नहीं कर पाते।

लखनऊ के ऐवन जिम के टीचर शमशीर से जब इस विषय में बात हुई तो उन्होंने बताया कि उनके जिम में जो लोग आते हैं वो अधिकतर कम उम्र के लड़के लड़कियां होते हैं वाल्किंग ट्रैकर पर वो तो आसानी से चल लेते  हैं। पर जो ज्यादा उम्र के लोग हैं उनके लिए ज्यादा चल पाना मुश्किल हो जाता है। ज्यादा एक्स्सरसाईज भी नहीं कर पाते, उनके लिए क्रीम/मक्खन उनके हार्ट पर जल्दी गलत असर डालेगी।

इंदिरा नगर के रविन्द्र योगा एंड फिटनेस सेंटर के रविन्द्र जी बताते है कि 40-50 उम्र के वो लोग जिन्हें हार्ट की प्रोब्लम नहीं पर घुटनों की प्रोब्लम होती है तो उनके लिए इस वॉक का कोई मतलब नहीं।

इन सबसे हुई बातचीत से यही पता चलता है कि सिर्फ 22 मिनट चलने से ही नहीं इसके अलावा भी जरुरी है कुछ व्यायाम।

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक को क्लिक करें…. http://bjsm.bmj.com/content/early/2015/05/07/bjsports-2015-094911