ब्लड प्रेशर पर होता है हारमोंस का कण्ट्रोल

नमक के सोडियम को कण्ट्रोल करने के लिए मैग्नीशियम और कैल्शियम भी लेना जरुरी

ज्यादातर लोग सोचते हैं कि नमक कम खाने से उनका ब्लड प्रेशर कंट्रोल हो जाता है। हालाँकि ये पूरा सच नहीं है, सिर्फ नमक का ब्लड प्रेशर के लो होने से कोई लेना देना नहीं हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि केले और आलू में पाए जाने वाले पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम भी सोडियम को  संतुलित करने में मदद कर सकते हैं। जिसे अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं।

लखनऊ की the2is.com की रिपोर्टर दीपाली अग्रहरि ने इस विषय पर कुछ डॉक्टरों से बातचीत की।

लखनऊ के ह्रदय रोग विशेषज्ञ एवं जनरल फिज़िशन डॉ. सतेन्द्र प्रताप सिंह मौर्या का कहना है कि “भोजन में सिर्फ नमक कम खाने से ब्लड प्रेशर पर कोई असर नहीं पड़ता है। कुछ अन्य भी हारमोंस होते हैं जो शरीर में ब्लड प्रेशर के कम और ज्यादा होने के लिए रिस्पोंसिबल माने जाते है। हालांकि नमक में मौजूद सोडियम की अधिक या कम मात्रा शरीर के लिए अच्‍छी नहीं होती। इसलिए जरूरी है कि नमक का सेवन सही मात्रा में ही किया जाए।“

आयुर्वेद के डॉ. सुमित कुमार मिश्रा कहते हैं कि यदि आप रोजाना अपने भोजन में सेंधा नमक का सेवन करे, तो ये शरीर में साल्ट की कमी और अन्य मिनरल की जरूरतों को पूरा करता है, क्योंकि सेंधा नमक में बहुत से मिनरल्स पाए जाते हैं। उसमें सोडियम क्लोराइड ज्यादा होता है। कोई ब्लड प्रेशर का मरीज हो या न हो, यदि वो भोजन में सेंधा नमक और बड़ी इलायची खाए तो उससे उन्हें बहुत फायेदे होंगें।



नमक का सेवन

नमक का सेवन

गोरखपुर के पी. पी गंज क्षेत्र के हार्ट विशेषज्ञ डॉ रंजीत कुमार का कहना है कि जो लोग कम नमक लेते हैं उन्हें जरुरी नहीं ब्लड प्रेशर की कोई समस्या हो। हालाँकि ज्यादा सेवन से समस्या हो सकती है।

लखनऊ की नायत्री फिटनेस सेंटर की योगा टीचर अनीता बताती है कि नमक कम खाना या ज्यादा खाना से कुछ तो ब्लड प्रेशर पर असर पड़ता ही है पर जो कम नमक खाते हैं वो कभी न सोचें कि जब ब्लड प्रेशर लो हो तो इसे कण्ट्रोल करने के लिए वो इसकी मात्रा बढ़ा लें। अचानक से इसकी बढ़ी मात्रा बुरा असर भी डाल सकती है।

बोस्टन यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन के प्रो. डॉ लाइन मूर का दावा है कि हाई ब्लड प्रेशर के बहुत से लोग नमक के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं और इन लोगो के लिए नमक की कम मात्रा ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है और हृदय रोग का खतरा भी। हालांकि,  यह सही नहीं है कि हर किसी को अपने ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए कम नमक (सोडियम) का प्रयोग करना चाहिए।

16 साल से अधिक समय तक रिसर्च के बाद प्रो. डॉ लाइन मूर ने यह पाया कि हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित काफी लोग नमक के प्रति सेंसटिव होते हैं अतः ऐसे लोग नमक कम खाएं तो ब्लड प्रेशर कम होने के साथ-साथ ह्रदय रोग का खतरा भी घट सकता है. लेकिन यह सोचना गलत है कि सभी को ब्लड प्रेशर घटाने के लिए नमक कम खाना चाहिए. क्योंकि किसी अध्ययन या शोध में ऐसा साबित नहीं हुआ है. बहरहाल, ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस का सुझाव है कि लोगों को रोजाना 6 ग्राम नमक (2.5 ग्राम सोडियम) से ज्यादा कतई नहीं खाना चाहिए. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार प्रतिदिन ५ ग्राम से ज्यादा नमक का सेवन नहीं करना चाहिए. लेकिन एक शोध के अनुसार भारत में प्रति व्यक्ति औसतन 10.98  ग्राम नमक रोजाना खाता है. जर्नल ऑफ़ हाइपरटेंशन में छपे एक शोध रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है.

डॉ मूर का मानना है ‘नमक की मात्रा कम करने से कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर कम हो सकता है,  लेकिन दूसरों में नहीं। इसके उलटे परिणाम भी हो सकते हैं जो हृदय रोग को बढ़ा सकते हैं।

इस विषय में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर जाएं-  http://www.dailymail.co.uk/health/article-4443612/Low-salt-diets-not-lower-blood-pressure.html