यूपी में तीन तलाक से पीडि़त महिलाओं ने मांगा इंसाफ

सीएम योगी के जनता दरबार में बढ़ रही फरियादियों की संख्‍या

धर्मेन्‍द्र त्रिपाठी / सौजन्‍य त्रिपाठी

सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक के मुद्दे पर रोजानासुनवाई की तारीख (11 मई से) तय कर देने के बाद तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं में उम्मीद की नई किरणदिखाई दे रही है। तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाएं अबखुलकर सामने आने लगी हैं। यूपी में तो तीन तलाक के मुद्दे पर घमासान मचा हुआ है। राजधानी लखनऊ से लेकर पूरे प्रदेश में महिलाएं इसका जमकर विरोध कर रहीं हैं।महिलाओं को नए सीएमयोगी आदित्यनाथ से बहुत आशाएं हैं, यही कारण है कि तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाएं लगातार मुख्यमंत्री दरबार में अपनी फ़रियाद लेकर पहुंच रही हैं। रोजाना योगी के जनता दरबार में तीन तलाक से पीडि़त 7 से 10 महिलाएं न्‍याय की गुहार लेकर आती हैं।

लखनऊ में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के जनता दरबार में प्रतिदिन 680 से लेकर 750 लोगअपनी शिकायतें और परेशानियां लेकर पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री सबसेव्यक्तिगत रूप से मिलतेहैं और उनसे शिकायती पत्र लेकर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए आदेश देते हैं। मुख्यमंत्री निवासपर सुरक्षा प्रभारी और स्वागत अधिकारी जयशंकरबताते हैं कि योगी सरकार के बनने से रोजाना 7 से 10 मुस्लिम महिलाएं न्याय की गुहार लगाने जनता दरबार में पहुँच रही हैं. योगी सरकार के सख्‍त तेवर देखकर तीन तलाक से पीडि़त मुस्लिम महिलाओं को उम्‍मीद है कि वही उन्‍हें इस समस्‍या से छुटकारा दिला सकते हैं।



जनता दरबार में पहुंचीं शाहमीन कहती हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले के मुख्‍यमंत्रियों की तुलना में काफीभरोसेमंद हैं. मथुरा से आईंशबानाको भी उम्‍मीद है कि योगी तीन तलाक के मुद्दे पर जरूर कुछ करेंगे। शबाना कहती हैं कि योगी के आदेश पर पुलिस या प्रशासन सिर्फ मेरे पति से पूछताछ ही कर ले तो मामला सुलझ जायेगा. शबाना कोशादी के तीन साल बाद ही बच्चे के जन्‍म के बाद उनके पति ने तलाक दे दिया था।

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दो बहनें फातिमा और आसमा भी योगी आदित्यनाथ के दरबार में न्याय के लिए पहुंची थीं। दहेज के लिए उनके पतियों ने मौखिक रूप से तलाक दे दिया है। दोनों बहनें चाहती हैं किउनके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई हो।

तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं की मदद के लिए योगी सरकार ने आश्रम खोलने का फैसला किया है, जहां उनके रहने और खाने-पीने के साथ, उनके बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था होगी। उनको सिलाई, कंप्यूटर और स्व-रोजगार की भी सुविधा दी जाएगी।



यूपी में हाल में सामने आए तीन तलाक के मामले 

  • बाराबंकी की आलिया ने तीन तलाक मिलने से आहत होकर खुदकुशी कर ली।
  • अमरोहा में नेशनल लेवल की नेटबॉल खिलाड़ी शुमेला जावेद को उसके पति ने फोन पर तीन तलाक कहकर नाता तोड़ लिया क्‍योंकि शुमेला ने एक बच्ची को जन्म दे दिया था।
  • बिजनौर में असिस्टेंट लेबर कमिशनर नासिर खान ने दहेज की मांग पूरी न होने पर अपनी पत्नी आलिया सिद्दीकी को स्पीड पोस्ट से एक साथ तीन तलाक भेज दिया।
  • वाराणसी में एक महिला को उसके शौहर ने इसलिए तलाक दे दिया क्योंकि वह मोटी हो गई थी।
  • कानपुर की आलिया के पति ने, जो सरकारी अधिकारी हैं, दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण उसे तलाक दे दिया.

तीन तलाक के बढ़ते मामले 

  • मुंबई में वर्ष 2010-14 के दौरान तलाक के मामले दोगुने हो गए हैं।
  • कोलकाता में 2003-14 के दौरान तलाक के मामलों में तीन गुना वृद्धि हुई है।
  • लखनऊ में2009-14 के बीच तलाक के मामलों में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है।
  • भारत में 5.7% मुस्लिम महिलाएं तलाक से प्रभावित होती हैं।
  • करीब1.8% हिन्दू महिलाएं परिवार टूटने से प्रभावित होती हैं।
  • पाकिस्तान, बांग्लादेश, टर्की, साइप्रस, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, मलेशिया समेत22 देशों में तीन तलाक कोअवैध घोषित किया गयाहै।