• प्रिया गौड़

आपने अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा कि फलों और सब्जियों का सेवन सेहतमंद रहने के लिए बहुत जरूरी होता है। फल और सब्जियां विटामिन और मिनरल्‍स के अच्‍छे स्रोत हैं जो हमारे शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व उपलब्‍ध कराते हैं। लेकिन जलवायु में लगातार हो रहे परिवर्तन जैसे ग्लोबल वार्मिंग, बदलते मानसून पैटर्न और जैविक व अजैविक कारकों से हमारी फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

जलवायु परिवर्तन के कारण सब्जियों के उत्पादन में भारी गिरावट आई है। यही नहीं, इसके कारण खेती की जगह कम हो रही है और फसलों की  गुणवत्ता में भी कमी आ रही है। कीटनाशकों का बढ़ता इस्‍तेमाल फलों और सब्जियों को तो नुकसान पहुंचा ही रहा है, इससे बीमारियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। ये सभी समस्याएं मानव आहार में पोषक तत्‍वों की उपलब्धता पर भी सवाल उठाती हैं। इन्‍हीं समस्‍याओं को ध्‍यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने बाजार में सुपर फ्रूट्स और सब्जियां उतारी हैं, जिनके सेवन से सेहत के प्रति खतरों को कम किया जा सकता है। अमेरिका और कनाडा के बाजारों में इनकी बेहद मांग है।

पोषक तत्‍वों में कमी

ज्यादातर देरी से मानसून आने की वजह से फल और सब्जियों के उत्पादन में कमी आती है। भारत में कई ऐसे क्षेत्र हैं जैसे महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, गुजरात, राजस्थान जहाँ वर्षा न होने की वजह से खेती बरबाद हो जाती हैं। यही नहीं, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्‍यों में कटाई के समय अपर्याप्त वर्षा या भारी बारिश के कारण खेती को गंभीर नुकसान हो रहा है। मौसम में लगातार बदलाव के कारण पौधों की संरचना के साथ-साथ उनकी प्रतिरोधक क्षमता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसका परिणाम यह होता है कि फलों और सब्जियों में पोषक तत्‍वों की कमी हो जाती है।

गंभीर बीमारियों का खतरा

इसमें कोई संदेह नहीं कि पारंपरिक रूप से उगाई गई सब्जियों और फलों के सेवन से हमारी सेहत को अपेक्षित लाभ नहीं मिलता है। इसके विपरीत इनके इस्‍तेमाल से हृदय संबंधी रोग और कैंसर होने की सम्भावना कई गुणा बढ़ जाती हैं। एक तिहाई कैंसर ऐसे होते हैं, जिनके खतरे को हम अपने खान-पान में सुधार कर दूर कर सकते हैं। कुछ कैंसर ऐसे होते हैं जिन्‍हें प्रचुर मात्रा में फल और सब्जियों के सेवन से रोका जा सकता है, लेकिन इसके लिए आवश्‍यक है कि जो फल-सब्जियां हम अपने आहार में ले रहे हैं, उनमें प्रचुर मात्रा में पोषक तत्‍व हों।

क्‍या हैं सुपर फ्रूट्स

डिज़ाइनर या सुपर फ्रूट्स सामान्य फलों की तरह ही होते हैं, बस इनमें कुछ ऐसे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं जिनके सेवन से शरीर में एंटीऑक्सिडेंट्स, फाइबर, विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्वों की कमी पूरी हो जाती है। यही कारण है कि ये फल सामान्‍य फलों के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद होते हैं। साथ ही इनके सेवन से काफी लम्बे समय तक बीमारियों से दूर और स्वस्थ रहा जा सकता है। पुरानी बीमारियों के रोकथाम में भी इन सुपरफ्रूट्स को काफी लाभदायक माना गया है, इसीलिए इन सुपर फ्रूट्स और सब्जियों को अधिक इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। दुनिया भर में सबसे ज्यादा मृत्यु हृदय रोग और कैंसर के कारण होती हैं, लेकिन सुपर फ्रूट्स और सब्जियों के इस्‍तेमाल से इनके खतरों को कम किया जा सकता है।

सुपर फ्रूट्स से गंभीर बीमारियों का खतरा कम

प्रचुर मात्रा में फाइटोकेमिकल्स वाले फल और सब्जियों के सेवन से गंभीर बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है, इसलिए नेचुरल एंटीआक्सीडेंट वाली फल और सब्जियों का विकास कर ऐसी बीमारियों को रोका जा सकता है। हाल के वर्षों में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि हृदय रोग और कैंसर से होने वाली मौतों का संबंध सामान्‍य रूप से उगाई गई फलों और सब्जियों के सेवन से भी है। हालांकि इसके नतीजे स्थिर नहीं हैं। वहीं ब्रिटेन के लोगों पर किए गए तमाम शोध में पाया गया कि सुपर फ्रूट्स का सेवन ऐसी मृत्युदर को कम करने में सहायक है।