• प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम
  • किसानों को 5500 रु. प्रति टन की दर से एनटीपीसी करेगा भुगतान

खेतों में खूंटी या पराली जलाना भी यूपी और दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में स्मॉग का कारण बन रहा है। हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में किसान खेतों में ही पराली जलाते हैं जिससे घातक प्रदूषण होता है। अब इस पराली से बिजली बनाने की योजना है। इस पराली का उपयोग बिजली प्‍लांट में कोयले के साथ ईंधन के रूप में किया जाएगा। इससे प्रदूषण से तो राहत मिलेगी ही, किसानों को आमदनी भी होगी। एनटीपीसी किसानों से पराली खरीदेगा। प्रस्‍तुत है धर्मेन्‍द्र त्रिपाठी की रिपोर्ट –  

यूपी और राजधानी दिल्‍ली सहित पूरे उत्‍तर भारत में प्रदूषण पर लगाम लगाने और यूपी, पंजाब, हरियाणा के किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने उनसे पराली (फसलों के अवशेष) खरीदने का फैसला किया है। धान की फसल कटने के बाद खेतों में बचे अवशेष (पराली) का निस्तारण एक बड़ी समस्या है। इसका समाधान करते हुए सरकार ने इसके लिए बड़ा बाजार मुहैया कराने की पहल की है। अब थर्मल पावर स्टेशनों में ईंधन के तौर पर कोयले के साथ 10 फीसदी पराली जलाई जाएगी। यानी 90 फीसदी कोयले के साथ 10 फीसदी पराली का इस्‍तेमाल किया जाएगा। केंद्र सरकार ने एनटीपीसी को किसानों से पराली की खरीद करने को कहा है। एनटीपीसी जल्द खरीद के लिए टेंडर जारी करेगी।

हरियाणा में पराली जलाने का आंकड़ा ( लाख हेक्‍टेयर में)

किसानों को प्रति एकड़ होगी 11 हजार की आय
केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने बीते दिनों नई दिल्‍ली में एक कार्यक्रम में बताया कि पराली की खरीद 5,500 रुपए प्रति टन की दर से की जाएगी। एक एकड़ में करीब दो टन तक पराली निकलती है। इससे किसानों को प्रति एकड़ 11 हजार रुपए तक की आय होगी। इससे बिजली संयंत्रों पर भी कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। बिजली सचिव एके भल्ला कहते हैं कि संभवत: इस सीजन में फसलों के अवशेष का बिजली संयंत्रों में इस्‍तेमाल नहीं हो पाएगा, लेकिन इस सिस्टम को अपनाया जा रहा है।

एनजीटी ने पूछा – बिजली प्लांट्स में कितनी इस्‍तेमाल हो सकती है पराली 
राष्‍ट्रीय हरित प्राधिकारण (NGT) ने एनटीपीसी को यह बताने का निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में उसके बिजली संयंत्रों में कितनी मात्रा में फसलों के अवशेष का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही एनजीटी ने यूपी के 6 और हरियाणा के एक पावर प्लांट्स में जलाए जा रहे कोयले की मात्रा की जानकारी भी मांगी है।

सभी थर्मल पावर स्‍टेशनों में अनिवार्य होगा पराली का इस्‍तेमाल
बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा कि थर्मल पावर स्टेशनों में ईंधन के तौर पर पराली के इस्तेमाल से जहां प्रदूषण की समस्या कम होगी, वहीं किसानों को भी फायदा होगा। उन्‍होंने बताया कि सरकार सभी थर्मल पावर स्टेशनों में पराली का इस्तेमाल अनिवार्य करने जा रही है। पराली के टुकड़े तैयार करने वाली मशीन के लिए भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड ऋण उपलब्‍ध कराएगी। पराली का बाजार तैयार कर सीधे तौर पर या किसी सेवा प्रदाता के माध्‍यम से बोली लगाई जा सकती है।

उत्तर भारत के कई शहरों में और घातक होगा स्मॉग : अमेरिकी एजेंसी
वायुमंडल पर नजर रखने वाले अमेरिकी संगठन नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेयरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने कहा है कि उत्तर भारत और पाकिस्तान के कई शहरों में लोगों को अगले कई महीनों तक स्मॉग का सामना करना पड़ेगा। एनओएए के अनुसार, इस क्षेत्र में यह स्मॉग के मौसम की शुरुआत है। ठंड और स्थिर हवाओं के कारण प्रदूषण बढ़ने की अधिक आशंका है, जिससे शहर खतरनाक तरीके से स्मॉग की चादर में लिपट जाएंगे। यह स्वास्थ्य के लिए घातक ‘स्नो ग्लोब’ में बदल जाएगा।’ एनओएए ने उपग्रह से लिए चित्र के आधार पर उत्तर भारत एवं पाकिस्तान के प्रमुख इलाकों में स्मॉग के कारण गिनाए हैं।