• निक्‍की वालिया बोलीं – बॉलीवुड इंडस्‍ट्री में अभी बहुत बदलाव की जरूरत
  • लखनऊ के कल्‍चर और ऐतिहासिक इमारतों से बहुत प्रभावित हैं निक्‍की

दीपाली अग्रहरि

लखनऊ। बॉलीवुड में महिलाओं को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को सही रास्ते को चुनना होगा। अब इंडस्ट्री और समाज दोनों थोड़ा बदले जरूर हैं, लेकिन अभी बहुत बदलाव की जरूरत है। ये बातें मशहूर बॉलीवुड और टीवी अभिनेत्री निक्की वालिया ने कहीं। गुरुवार को राजधानी आईं निक्की वालिया ने अपने अनुभवों को साझा किया।

फिल्म और टीवी पर अपने अभिनय का जौहर बिखेरने वाली निक्की लगभग 10 साल बाद टीवी पर आई हैं। उन्होंने अपना फिल्मी सफर अनिल कपूर अभिनीत फिल्म ‘मि. आजाद’ से शुरू किया। उसके बाद उन्होंने ‘बात बन जाए’, ‘दास्तां’, ‘अंदाज’, ‘सी हॉक्स’, ‘सहर’, ‘समंदर’, ‘अस्तित्व एक प्रेम कहानी’, ‘घर एक सपना’, ‘दिल संभल जा जरा’ जैसे दर्जनों धारावाहिक किए हैं। इसके अलावा उन्‍होंने शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म शानदार में भी महत्वपूर्ण किरदार निभाया।

इंडस्ट्री में असहजता की वजह से ‘यस बॉस’ छोड़ी

निक्की वालिया ने बताया कि वह इंडस्ट्री में महिलाओं के प्रति जो रवैया था, उससे काफी असहज रहीं। पिता मुंबई के एक स्टूडियो के मालिक थे, इसलिए फिल्म इंडस्ट्री को काफी अच्छी तरह से जानती थी। पिता के मना करने के बाद भी वह फिल्मों में आईं। लेकिन जब पिता गुजर गए तो फिल्मों से दूरी बना ली। इसी वजह से फिल्म ‘यस बॉस’ छोड़ दी। उन्होंने बताया कि वह बहुत अकेली हैं, इसलिए टीवी का रुख किया।

बहुत मुंहफट हूं, जो दिल में होगा बोल दूंगी

निक्की बताती हैं कि वह बहुत मुंहफट हैं। उनके दिल में जो भी होता है, बोल देती हैं। उनकी तरफ जो भी बुरी नजर से देखेगा, उसको तुरंत जवाब दे देंगी।

पायलट बनना चाहती थी

निक्की ने बताया कि बचपन से उन्हें पायलट बनना था, इसके लिए उन्होंने ट्रेनिंग भी ली। लेकिन पापा को डर था कि एक लड़की होकर प्लेन उड़ाना ठीक नहीं। कहीं कोई हादसा हो गया तो खुद के साथ सैकड़ों जिंदगी ले जाएगी। इस लिए वह छोडऩा पड़ा।

फोटोशूट के लिए गई और विज्ञापन मिल गया

निक्की ने बताया कि वह एक दिन फोटोशूट के लिए गई थीं। उस दौरान मुझे एक बड़े ज्वैलर्स के विज्ञापन के लोगों ने देखा और विज्ञापन के लिए ऑफर किया। उस विज्ञापन के लिए मुझे 8 हजार रुपये मिले थे।

लखनऊ बहुत प्यारा शहर

लंदन में रह रहीं निक्की ने बताया कि लंदन में लखनऊ के कल्चर का ‘क’ भी नहीं है। यहां की संस्कृति विदेशों में भी काफी मशहूर है। यहां का खाना, तहजीब, ऐतिहासिक इमारतें बहुत अच्छी हैं।