यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर कहते हैं – ‘लापता पाकिस्‍तानी देश के लिए खतरा नहीं।

सौजन्‍य त्रिपाठी / अनुवाद : धर्मेन्‍द्र त्रिपाठी

वर्ष 2013 तक उत्‍तर प्रदेश में आने वाले 350 पाकिस्‍तानी नागरिक लापता हैं। उनके बारे में यहां की सुरक्षा एजेंसियों को कोई जानकारी नहीं है। अब भले ही उनकी पाकिस्‍तान जाने की इच्‍छा न रही हो या किन्‍हीं अज्ञात कारणों से वे छिप गए हों, लेकिन सच्‍चाई यही है कि उनके ठिकानों से सुरक्षा एजेंसियां अनजान हैं। इतनी बड़ी संख्‍या में पाक नागरिकों का लापता होना वाकई चिंताजनक है लेकिन इसे विडंबना ही कहेंगे कि यूपी पुलिस इसे सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं मानती। गृह मंत्रालय में ज्‍वाइंट सेक्रेटरी मुकेश मित्‍तल कहते हैं – ‘इसके लिए यूपी पुलिस जिम्मेदार है। यदि यूपी में आए विदेशी आगंतुकों का पता नहीं चल पा रहा है तो जाहिर है राज्य की पुलिस अपने कर्तव्य का ठीक से पालन नहीं कर रही है।‘ हालांकि वह कहते हैं कि इस मुद्दे को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।



वहीं दूसरी तरफ यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी इससे चिंतित नहीं दिखते। वह लापता पाकिस्‍तानी नागरिकों को खतरा नहीं मानते। वह कहते हैं – ‘लापता पाक नागरिक बिना स्‍थानीय पुलिस को बताए नौकरी या रोजगार के लिए अलगअलग स्‍थानों पर चले गए होंगे। इसका मतलब यह नहीं कि वे आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं।‘ वह कहते हैं – ‘हमारी खुफिया एजेंसियां विदेशी आगंतुकों पर 24 घंटे सख्त निगरानी रखती हैं और हमने राज्य के अन्य भागों में ऐसे छिपे हुए लोगों का पता लगाया है।‘

विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी पी.के. भारद्वाज का कहना है कि उनका मंत्रालय विदेशी आगंतुकों के वीज़ा संबंधी मुद्दों को ही डील करता है जिसमें विदेशियों के यहां रहने और यहां से जाने का जिक्र होता है। विदेशी आगंतुकों की सभी सूचनाएं गृह विभाग से साझा की जाती हैं, जो उन पर नज़र रखते हैं। भारद्वाज ने यह भी कहा कि ऐसे लोग ईपीआर वीजा (एक्‍जेम्‍टेड फ्रॉम पुलिस रिपोर्टिंग) के अनुसार दूसरी जगह जा सकते हैं। ईपीआर वीजा विदेशी पर्यटकों को पुलिस स्टेशन को रिपोर्ट करने से छूट देता है।

गृह मंत्रालय के अनुसार, 2014 में भारत में कुल 76,79,099 विदेशी आए थे, जिनमें से 96,434 पाकिस्तान से थे। मंत्रालय विदेशी आगंतुकों की सभी गतिविधियों पर नज़र रखता है और यदि वे किसी भी तरीके से आव्रजन नियमों का उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करता है। मंत्रालय के अनुसार, 2014 में फॉरेनर्स एक्‍ट के तहत 70 पाकिस्तानियों सहित 6913 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था।



पाकिस्‍तानी नागरिक लापता

यूपी में लापता पाकिस्‍तानी नागरिक

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ, मथुरा और आगरा जैसे शहर मुस्लिम बहुल हैं, उन्हें संदिग्‍ध आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र माना जाता है। हालांकि पूर्वी उत्‍तर प्रदेश भी पीछे नहीं है क्‍योंकि पिछले कुछ सालों में एटीएस और यूपी पुलिस ने यहां से कई ऐसे मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान के साथ सीधे संपर्क में थे। पुलिस का दावा है कि इन मुस्लिम युवकों से हथियारों और गोलाबारूद का जखीरा बरामद हो चुका है। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के अधिकारी भी इसकी पुष्टि करते हैं।