• अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले 180 किमी पैदल चलकर ये किसान नासिक से मुंबई पहुंचे

मुंबई। महाराष्ट्र के लगभग 35 हजार किसान अपनी मांगों को लेकर रविवार की शाम मुंबई पहुंच गए हैं। सोमवार (12 मार्च) को किसान विधानसभा का घेराव करेंगे। अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले ये किसान नासिक से मुंबई के लिए 7 मार्च को निकले थे। पिछले पांच दिनों में ये किसान 180 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर मुंबई पहुंचे हैं।

सोमवार को विधानसभा का घेराव करने की किसानों की योजना को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मुंबई पुलिस ने इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है। मार्च में शामिल किसानों का कहना है कि राज्य सरकार ने पिछले साल कर्ज माफी का जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया गया। इसके अलावा किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग कर रहे हैं। वहीं वे आदिवासी किसान भूमि आवंटन संबंधी मामलों के निपटारे की भी मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस मार्च में सबसे ज्यादा आदिवासी किसान ही हिस्सा ले रहे हैं।

गंभीर संकट से गुजर रहे हैं किसान

अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य महासचिव अजित नवले ने मीडिया को बताया कि किसान सरकार की ओर से उनसे किए गए वादों को लागू नहीं करने को लेकर जवाब मांगेंगे। नवले ने कहा कि राज्य के किसान गंभीर कृषि संकट से जूझ रहे हैं और वे भारी वित्तीय बोझ तले दबे हैं। सरकार ने उन्हें राहत पहुंचाने के लिए कुछ नहीं किया है, इसलिए उनके पास विरोध मार्च के माध्यम से अपना आक्रोश जताने के अलावा कोई चारा नहीं है। नवले ने बताया कि किसानों की पदयात्रा में शुरू में 12,000 किसान ही शामिल थे, लेकिन अब इनकी संख्‍या 35,000 से ज्यादा हो गई है। सोमवार तक किसानों की संख्या 50,000 से ज्‍यादा हो जाने का अनुमान है।

 केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य काफी नहीं

किसानों की मांग है कि उन्हें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक खेती में होने वाले खर्चे के साथ उसका 50 फीसदी अलग से समर्थन मूल्य के रूप में दिया जाना चाहिए। किसानों को उचित समर्थन मूल्य मिलना चाहिए, केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य दे देना पर्याप्‍त नहीं है। आदिवासी किसानों का कहना है कि वन अधिकारी जब चाहे तब उनके खेत खोद देते हैं।  (एजेंसी)