यूपी : IAS अफसर ने शुरू किया ‘विद्यादान अभियान, 700 नागरिक मदद के लिए आए आगे

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लखनऊ। शायर मजरूह सुल्तानपुरी का शेर है- ‘हम तो तन्हा ही चले थे जानिब-ए-मंज़िल, मगर लोग आते गए और कारवां बनता गया’। यह शेर बहराइच की डीएम माला श्रीवास्तव पर सटीक बैठता है। डीएम की शुरू की गई मुहिम ‘विद्या दान, एक आदर्श दान’में करीब 700 वालेंटियर्स जुड़ चुके हैं जिसमें अधिकारी, इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्य व प्रवक्ता शामिल हैं। ये लोग जनपद के अलग-अलग परिषदीय स्कूलों में जाकर बच्चों की क्लास ले रहे हैं।

खास बात यह है कि खुद डीएम भी बच्चों की क्लास लेती हैं।इतना ही नहीं, यह आइएएस अफसर इन बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील भी खाती हैं।दरअसल, जिला अधिकारी स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य कामों को जांचने के लिए दौरे पर थीं। इसी दौरान उन्होंने कुछ वक्त बच्चों के साथ बिताने का भी फैसला किया। एक बच्ची से जब पूछा गया कि मैम की क्लास कैसी लगी तो उसने हंसते हुए बोला ”अच्छी”।

उनके ‘विद्या दान, एक आदर्श दान’मुहिमा का प्रभाव जिले के 400 सरकारी स्कूलों में देखा जा सकता है, जहां स्वयंसेवक वक्त निकालकर बच्चों को पढ़ाने जाते हैं। डीएम माला श्रीवास्तव का साफ मानना है कि आईएएस अधिकारी होने से पहले वह एक इंसान हैं और दुनिया के किसी भी कोने के जरूरतमंदों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं।

उत्तर प्रदेश की राज्य शिक्षा मंत्री अनुपमा जयस्वाल ने कहा कि वे ऐसा सिस्टम बनाना चाहते हैं, जिसमें हर एक क्षेत्र के बुद्धिजीवी लोग बच्चों को पढ़ाएं। हालांकि, यह पहल किसी पर भी थोपी नहीं जाएगी बल्कि यह स्वयंसेवा सिद्धांत पर लागू होगी। जो भी इससे जुड़ना चाहता है वह जुड़ सकता है।

पिछले महीने, नीति आयोग ने भी अपने एक ट्वीट में इस अभियान की प्रशंसा करते हुए लिखा था कि पिछले एक महीने में बहराइच में इस अभियान के लिए लगभग 700 लोगों ने स्वयंसेवा दी है जिनमें युवा, डॉक्टर, रिटायर्ड शिक्षक और सरकारी अधिकारी शामिल हैं।

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