स्टडी में हुआ खुलासा, वायु प्रदूषण की वजह से बढ़ रहा है गर्भपात का खतरा

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यूटा। वायु प्रदूषण के संपर्क में थोड़ी देर के लिए भी आने से गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है। अमेरिका के यूटा विश्वविद्यालय की स्टडी में यह चिंतित करने वाली बात सामने आई है। वायु प्रदूषण को दमा से लेकर समयपूर्व प्रसव तक, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले तमाम बुरे प्रभावों से जोड़ कर देखा जाता है।

रिसर्चर्स ने पाया कि यूटा राज्य की सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्र में रहने वाली महिलाएं जब वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद उसके संपर्क में आईं तो उनमें गर्भपात होने का खतरा 16 प्रतिशत बढ़ गया। 2007 से 2015 के बीच किए गए इस अध्ययन में 1300 महिलाएं शामिल थीं जिन्होंने गर्भपात के बाद (20 हफ्ते की गर्भावस्था तक) चिकित्सीय मदद के लिए आपातकालीन विभाग का रुख किया था।

रिसर्चर्स ने पाया कि नाइट्रोजन ऑक्साइड के बढ़े स्तर के संपर्क में आने वाली महिलाओं को गर्भपात होने का खतरा 16 प्रतिशत तक बढ़ गया। यह अध्ययन फर्टिलिटी एंड स्टर्लिटी पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रदूषण तंबाकू जितना खतरनाक साबित हो रहा है।अगर आप ये सोच रहे हैं कि बाहर का प्रदूषण ही जानलेवा है तो आप गलत हैं। घर के अंदर का प्रदूषण भी उतना ही खतरनाक है। मेडिकल रिसर्च करने सरकारी संस्था ICMR की स्टडी में ये बात सामने आई है।ICMR ने खुलासा किया है कि तंबाकू की तुलना में प्रदूषण से कहीं ज्यादा लोग बीमार पड़ रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले साल यानी 2017 में देश में 17.4 लाख लोगों की मौत के लिए कहीं न कहीं एयर पलूशन जिम्मेदार रहा।

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