रिसर्च : बिल्लियों का स्वभाव बदला, अब नहीं कर पातीं चूहों का शिकार !

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न्‍यूयॉर्क। पिछले कुछ दशकों में बिल्लियों के स्वभाव में बहुत तेज़ी से बदलाव आए हैं। यह जानकर आप भी हैरान हुए बिना नहीं रहेंगे कि अब बिल्लियां चूहों का शिकार नहीं कर पातीं। चौंकिए नहीं, ये हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि हाल ही में हुई एक रिसर्च में यह खुलासा हुआ है।

क्‍या कहा गया है शोध में ?

अभी तक ये देखा गया है कि चूहे को देखकर बिल्ली चौकन्‍नी हो जाती है और शिकार की मुद्रा में आ जाती है। वह अपने शिकार को पकड़ने के लिए पूरी मेहनत करती है, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि अब ये बातें पुरानी हो गई हैं। वक़्त बीतने के साथ चूहे के खिलाफ़ अब बिल्ली के आक्रोश में कमी आई है और अब 21वीं सदी की बिल्ली, चूहे का शिकार करने में सक्षम नहीं है। न्यूयॉर्क में हुए एक रिसर्च के मुताबिक, बिल्ली में चूहे का शिकार करने की क्षमता पहले के मुकाबले कम हो गई है।

कैसे की गई रिसर्च ?

शोधकर्ताओं ने इस रिसर्च को करने के लिए न्यूयॉर्क शहर में कई जगह CCTV कैमरे लगाए और इन कैमरों से चूहे और बिल्ली की हरकतों पर नज़र रखी गई। करीब 80 दिन में 306 वीडियो क्लिप्‍स तैयार की गई और फिर इनका विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने निष्‍कर्ष निकाला कि सिर्फ़ 20 वीडियो में ही बिल्ली ने चूहों को पकड़ने की कोशिश की। हैरानी की बात तो ये है कि बिल्ली को जैसे ही 30 ग्राम से ज़्यादा भारी और बड़े चूहे दिखाई देते थे तो वह शिकार करने का विचार ही छोड़ देती थी।

जब चूहे ने बिल्‍ली को दौड़ा लिया

अभी तक बिल्लियों को ही चूहों का शिकार करते देखा गया है, लेकिन यूरोपीय देश लक्जमबर्ग में एक हैरतअंगेज घटना सामने आई है। इसी महीने वहां का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक चूहा, बिल्ली को दौड़ा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि चूहे का शिकार करने के लिए पहले तो बिल्ली उसके पीछे भागती है, लेकिन इसे देखकर आप अचंभित हुए बिना नहीं रहेंगे कि उल्टा चूहे ने ही बिल्ली को दौड़ा लिया। आखिरकार बिल्‍ली को भागने पर मजबूर होना पड़ा।

देखें वीडियो –

क्‍या कहना है शोधकर्ताओं का ?

शोधकर्ताओं का कहना है कि चाहे लक्‍जमबर्ग का वीडियो हो या फिर न्यूयॉर्क की घटनाओं का वीडियो, हर बार इस बात की पुष्टि हुई कि अब बिल्लियां ज़्यादा मेहनत नहीं करना चाहतीं। अब बिल्ली ऐसा आलस की वजह से कर रही है या चूहों में उसकी दिलचस्पी कम हो गई है, ये तो वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय है।

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