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मलेरिया के खिलाफ जंग में भारत अव्वल, 30 लाख को बीमारी से बचाया

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नई दिल्ली। विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2018 ने मलेरिया से निबटने में भारत के कदम की खूब तारीफ की है। ये रिपोर्ट कहती है कि दुनियाभर के जिन 11 देशों में मलेरिया होता है, उनमें से सिर्फ भारत ने इस बीमारी को खत्म करने की दिशा में कदम उठाया है। रिपोर्ट कहती है कि साल 2016 और 2017 के बीच मलेरिया के मामलों में 24 फीसदी की कमी भारत में दर्ज की गई है।

2017 में भारत में मलेरिया के 95 लाख मरीज मिले। ये साल 2016 के मरीजों की संख्या से 30 लाख कम हैं। इसके साथ ही भारत अब उन टॉप तीन देशों में नहीं है, जहां सबसे ज्यादा मलेरिया होता रहा है। हालांकि, रिपोर्ट कहती है कि अब भी भारत की 94 फीसदी जनसंख्या को मलेरिया होने का खतरा है।

वैश्विक स्तर पर देखा जाए, तो साल 2017 में मलेरिया के 21 करोड़ 9 लाख मरीज मिले। जबकि, 2016 में 21 करोड़ 7 लाख मरीज मिले थे। 2010 में 23 करोड़ 9 लाख लोगों में मलेरिया का पता चला था। वहीं, 2015 में ये संख्या 21 करोड़ 4 लाख थी। बता दें कि भारत सरकार ने मलेरिया को 2030 तक पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है। भारत में दुनिया के कुल मलेरिया मरीजों के 4 फीसदी मिलते हैं और अफ्रीका के बाहर इस बीमारी से मरने वाले 52 फीसदी भी भारतीय ही होते हैं।

भारत में सबसे ज्यादा मलेरिया ओडिशा में होता है। यहां देश के कुल 40 फीसदी मलेरिया मरीज मिलते हैं। उसी ओडिशा में मलेरिया के मामलों में 80 फीसदी की कमी आई है। साल 2017 में यहां मलेरिया के 3 लाख 47 हजार 860 मरीज मिले थे। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट कहती है कि साल 2018 में ओडिशा में 55 हजार 365 मलेरिया मरीज मिले। मौतों का आंकड़ा भी इस दौरान 24 से घटकर 4 पर आ गया।

अब आपको बताते हैं कि मच्छरों से होने वाले इस खतरनाक रोग से निबटने में ओडिशा ने किस तरह काम किया। यहां मलेरिया से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाकों में घरों में मच्छरमार दवा स्प्रे किया गया। मच्छरों के पैदा होने के लिए जो जगहें होती हैं, उन्हें साफ रखा गया। साथ ही दवा वाली मच्छरदानी बांटी गई। इस मच्छरदानी पर बैठते ही मच्छर मर जाते हैं। 2017 में इस तरह की 1 करोड़ 10 लाख मच्छरदानियां लोगों में बांटी गई थीं। इससे भी मलेरिया को रोकने में सफलता मिली।

साल 2000 से भारत में मलेरिया से होने वाली मौतों की संख्या भी दो-तिहाई घटी है। विश्व मलेरिया रिपोर्ट के अनुसार 2017 में भारत ने मलेरिया उन्मूलन के लिए पांच साल की योजना बनाई थी। इसके तहत ही इस बीमारी को जड़-मूल से खत्म करने की दिशा में काम हो रहा है। इस योजना के तहत भारत के 678 जिलों में से 571 को 2022 तक मलेरिया मुक्त करना है। रिपोर्ट कहती है कि मलेरिया के मरीजों में 24 फीसदी की कमी से लग रहा है कि भारत 2020 तक मरीजों की संख्या में 20 से 40 फीसदी की कमी कर लेगा।

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