आप जानते हैं, भारत में भी बसता है एक मिनी स्विट्ज़रलैंड !

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नई दिल्‍ली। आप से पूछा जाए कि भारत का स्विट्जरलैंड किसे कहा जाता है तो संभव है एकबारगी आप न बता पाएं। लेकिन यह सच है कि भारत में भी एक स्विट्जरलैंड बसता है। इस जगह को मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है और छुट्टियां बिताने के लिए अपने देश में आपको इससे सुंदर कोई दूसरी जगह नहीं मिलेगी।

कहां है यह मिनी स्विट्जरलैंड ?

हम जिस जगह की बात कर रहे हैं वो कश्मीर नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के चमोली में स्थित औली है जिसकी गिनती भारत की सबसे खूबसूरत जगहों में होती है। यह समुद्रतल से 2500 मीटर (8200 फीट) से 3050 मीटर (10,010 फीट) तक की ऊंचाई पर स्थित है। यहां की वादियां और पहाड़ देखकर आपको महसूस होगा कि आप सच में स्विट्जरलैंड पहुंच गए हैं। हर साल प्रकृति के इस नायाब तोहफे को निहारने आने वाले लोगों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है। बता दें कि औली सिर्फ ठंड के मौसम में ही नहीं, बल्कि पूरे साल सुंदर दिखता है, इसलिए यहां हर समय सैलानी आते रहते हैं। यहां से नंदादेवी, कमेट तथा दूनागिरी जैसी विशाल पर्वत चोटियों का मनोरम नजारा दिखाई देता है।

औली में स्कीइंग का लुत्फ उठाते पर्यटक

बेहतरीन स्की रिजॉर्ट के रूप में मशहूर

औली को उत्तराखंड का स्वर्ग भी कहा जाता है। बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों पर सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त का नजारा, यहां देखने लायक होता है। पूरी दुनिया इसे बेहतरीन स्की रिजॉर्ट के रूप में जानती है। भारत में औली ही एकमात्र ऐसी जगह है जिसे फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल स्कीइंग (FIS) ने स्कीइंग रेस के लिए अधिकृत किया हुआ है। यहां स्कीइंग के लिए 1300 मीटर लंबा स्की ट्रैक है, जो FIS के मानकों को पूरा करता है। औली के ठीक सामने का पहाड़ बर्फ से ढकने पर किसी लेटी हुई लड़की की तरह दिखता है, इसलिए इसे ‘स्लीपिंग ब्यूटी’ कहा जाता है।

औली में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची कृत्रिम झील

यहां है सबसे ऊंची कृत्रिम झील

बता दें कि दुनिया की सबसे ऊंची कृत्रिम झील भी औली में ही है। करीब 25 हजार किलोलीटर की क्षमता वाली इस झील को वर्ष 2010 में बनाया गया था। हालांकि आमतौर पर जनवरी से मार्च तक औली की ढलानों पर लगभग 3 मीटर गहरी बर्फ की चादर बिछी होती है, लेकिन बर्फबारी न होने पर इसी झील से पानी लेकर औली में कृत्रिम बर्फ बनाई जाती है।

कैसे पहुंचें यहां ?

औली जोशीमठ से 16 किमी की दूरी पर है। राज्य परिवहन की बसें जोशीमठ और ऋषिकेश (253 किमी) के बीच नियमित रूप से चलती हैं। इसके अलावा स्थानीय परिवहन संघ और राज्य परिवहन की बसें तथा टैक्सी जोशीमठ और ऋषिकेश (253 किमी), हरिद्वार (277 किमी), देहरादून (2 9 8 किलोमीटर) और दिल्ली (500 किमी) के बीच भी नियमित रूप से चलती हैं। जोशीमठ से आगे, औली के लिए रोपवे, बस और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं।

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