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रिसर्च में खुलासा : तो इसलिए पुरुषों से अधिक होती है महिलाओं की उम्र

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न्‍यूयॉर्क। माना जाता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं इमोशनली ज्य़ादा स्ट्रांग होती हैं तो वहीं पुरुष शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं।  अक्‍सर यह सवाल पूछा जाता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक क्‍यों जीती हैं ? अब हाल ही में अमेरिका में हुई एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि महिलाओं की उम्र पुरुषों से अधिक क्‍यों होती है।

क्‍या कहा गया है रिसर्च में ?

यह रिसर्च कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को के शोधकर्ताओं द्वारा की गई है जिसके परिणाम ने सभी को चौंका दिया है। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि महिलाओं की अधिक उम्र क्रोमोसोम्स पर एस्ट्रोजन के प्रोटेक्टिव इफेक्ट्स के कारण होती है। यही वो प्रमुख कारण है जिससे महिलाओं की उम्र अधिक होती है। इसके अलावा भी कई कारण हैं, जो उम्र निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

महिलाओं को बायोलॉजिकल लाभ

शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं की ज्यादा उम्र के पीछे बायोलॉजिकल लाभ भी जुड़ा है। औरतों ने पीरियड्स और मां बनने जैसे कई परेशानियों में जैविक लाभ से समझौता किया है। जैविक और बायोलॉजिकल लाभ औरतों की उम्र को बहुत प्रभावित करते हैं। यही जैविक आधार औरतों की लंबी उम्र का राज है।

महिलाओं में दो एक्स क्रोमोसोम 

पुरुषों एक एक्स (X) और एक वाई (Y) क्रोमोसोम, जबकि महिलाओं में दो एक्‍स क्रोमोसोम पाए जाते हैं। जब भी महिलाओं के शरीर में कोई आनुवंशिक परिवर्तन (Genetic mutation) होता है तो उन दो में से एक एक्स क्रोमोसोम अपना बैकअप खुद ले लेता है, यानी एक एक्स के खराब या डेड हो जाने पर दूसरा उसकी जगह काम करता है। यही कारण है कि महिलाओं में जीन डिफेक्‍ट का खतरा काफी कम हो जाता है। इसके विपरीत पुरुषों में एक एक्स क्रोमोसोम ही उनके सभी जीन्स को व्यक्त करता है। जीन्‍स के क्षतिग्रस्‍त होने पर पुरुषों के पास बैकअप का विकल्‍प नहीं होता।

पुरुषों का हार्मोंस बढ़ाता है बीमारियां

शोध में कहा गया है कि महिलाओं में पाया जाने वाला एस्ट्रोजन हार्मोंस रक्त में मौजूद लिपिड पर बहुत अच्छा प्रभाव डालता है। यह अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल को बढ़ाने का काम करता है, जिससे उन्‍हें दिल की बीमारी होने की आशंका कम होती है। प्रेग्नेंसी और ब्रेस्ट फीडिंग भी उनकी उम्र को बढ़ाने में जिम्मेदार हैं। इससे ब्रेस्ट कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव रहता है। दूसरी तरफ, पुरुषों में 15 से 24 साल की आयु में टेस्टोस्टेरोन हार्मोंस का ज्यादा विकास होता है। यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, जिससे दिल के रोग होने की आशंका ज्यादा रहती है।

महिलाओं का मस्तिष्क ज्‍यादा विकसित

एक अन्‍य शोध में पाया गया है कि मस्तिष्क के दाएं और बाएं गोलार्द्धों के बीच संपर्क स्थापित करने वाला कॉर्पस कॉलोसम पुरुषों की तुलना में महिलाओं में बड़ा होता है। इस कारण दिमाग दोनों तरफ से भाषा की सक्रियता दिखाता है जबकि इसके विपरीत पुरुष दिमाग के सिर्फ बाएं हिस्से का इस्तेमाल कर सकते हैं। यही कारण है कि गुस्से को कंट्रोल करने की क्षमता महिलाओं में अधिक होती है, जबकि पुरुष इस पर जल्दी कंट्रोल नहीं कर पाते। इस कारण उनमें हृदय रोग का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक

जीवनशैली भी औरतों के दीर्घायु होने का कारण है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं अपनी सेहत के प्रति ज्यादा जागरूक होती हैं। वे हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाती हैं, जबकि पुरुष ज्यादा जोखिम उठाना पसंद करते हैं और अक्‍सर अपनी सेहत के प्रति लापरवाह होते हैं। इसके अलावा महिलाओं की अधिक उम्र के लिए पुरुषों का महिलाओं की तुलना में अधिक ड्रिंक और स्मोकिंग भी ज़िम्मेदार है। इस वजह से पुरुषों में हार्ट से जुड़ी और कई दूसरी बीमारियां होने का खतरा पैदा हो जाता है।

5 फीसदी अधिक जीती हैं महिलाएं

अगर आंकड़ों पर गौर करें तो दुनियाभर में महिलाएं पुरुषों की तुलना में 5 फीसदी अधिक जीती हैं। महिलाओं की औसत उम्र जहां औसतन 81.1 साल पाई गई, वहीं पुरुष 76.1 साल जीते हैं। दुनिया भर के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में महिलाएं पुरुषों से लगभग 6.5 साल, ब्रिटेन में 5.3 साल, रूस में 12 साल जबकि भारत में लगभग 6 महीने ज्यादा जिंदा रहती हैं। हालांकि भारत का आंकड़ा बाकी देशों के मुकाबले काफी कम है।

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