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बाजार में आएंगी ऐसी गर्भनिरोधक गोलियां, जिनका महिलाओं पर नहीं होगा दुष्प्रभाव

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स्टॉकहोम। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दुनिया भर में 10 करोड़ से ज़्यादा महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि 1960 के दशक में गर्भनिरोधक गोलियों की शुरुआत के बाद से ही इसके इस्तेमाल की वजह से कई तरह के साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिले हैं। अब वैज्ञानिक ऐसी गर्भनिरोधक गोलियां बनाने में जुटे हैं, जिनका महिलाओं के ऊपर कोई दुष्प्रभाव ना हो।

क्‍या कहना है विशेषज्ञों का ?

स्‍वीडन की राजधानी स्‍टॉकहोम स्थित केटीएच रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ता ऐसी गर्भनिरोधक गोलियों पर अध्ययन कर रहे हैं। अभी जो गर्भनिरोधक गोलियां प्रचलन में हैं, उनके इस्तेमाल से केवल अवसाद का ख़तरा नहीं होता, बल्कि इसके इस्तेमाल से ख़ून का थक्का जमने का ख़तरा भी होता है, जो घातक भी हो सकता है। प्रमुख शोधकर्ता थॉमस क्रूजियर का कहना है कि जिन नई गोलियों पर काम चल रहा है, वे गोलियां हॉर्मोनरहित होंगी, लिहाजा इनके दुष्प्रभाव भी नहीं होंगे। यह अध्‍ययन बायोमैक्रोमॉलीक्यूल्स में प्रकाशित हुआ है।

कैसे काम करेंगी ये गोलियां ?

थॉमस क्रूजियर का कहना है कि विशेषज्ञ गर्भधारण से बचाने वाली झिल्लीदार परत में कसाव बढ़ाने वाली तकनीक विकसित करने की कोशिश में लगे हैं। इसके लिए केकड़े या झींगा में मौजूद तत्व काइटोसान के साथ मिलाकर म्यूकस जेल का एक तत्व बनाया जाएगा। यह तत्व शरीर की पहली सुरक्षा परत को और मजबूत बनाने का काम करेगा। अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया कि म्यूकस जेल के इस्तेमाल से कॉलेरा प्रोटीन और डेक्ट्रान पॉलिमर्स का प्रसार धीमा हो गया। इस अवरोध के न होने से आंत संबंधी बीमारियों के अलावा राइनाइटिस, एसिडिटी और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि झिल्लीदार अवरोध को मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञ इसे नमी प्रदान करने और इसकी परत को चिकना बनाने की कोशिशों में लगे हैं।

छोटे कैप्‍सूल के रूप में होंगी गोलियां

क्रूजियर इस उत्पाद को अपनी खुद की निजी कंपनी के जरिये बाजार में लाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह छोटे कैप्सूल के रूप में होगा, जो बहुत आसानी से घुल जाएगा। शुक्राणुओं को गर्भ में प्रवेश करने से रोकने की इस प्रक्रिया में बस कुछ ही मिनट लगे। क्रूजियर ने बताया कि यह 100 फीसदी जैविक उत्पाद है और अभी तक इसके कोई ज्ञात दुष्प्रभाव नहीं हैं। इन गोलियों का इस्तेमाल सिर्फ गर्भनिरोधक के रूप में ही नहीं, म्यूकस मेमब्रेन के अल्सर और आंत संबंधी अन्य बीमारियों में भी किया जा सकता है।

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