रोजाना बच्ची को गोद में लेकर 6Km पैदल चलकर पढ़ाने जाती हैं श्वेता, दूर-दूर तक नहीं है कोई साधन

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पावन मिश्रा

 

 

पावन मिश्रा

बहराइच। सरकारी स्कूल में टीचर्स के बारे में अक्सर खबरें छपती रहती हैं कि वे टाइम पर नहीं पहुंचते या फिर बच्चों को अच्छे से पढ़ाया नहीं जाता। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी टीचर की कहानी बता रहे हैं जो बच्चों को पढ़ाने के लिए अपनी 6 महीने की बेटी को गोद लेकर रोजाना 6 किलोमीटर पैदल चलकर आती हैं।

यूपी में सरकारी स्कूलों का क्या हाल है वो बेहराइच के नवाबगंज ब्लॉक के पचपकड़ी गांव में दिखने को मिलता है। यह गांव मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है, लेकिन फिर भी श्वेता रोजाना बच्चों को पढ़ाने जाती हैं। चाहे कितनी भी गर्मी हो या सर्दी वो किसी भी दिन छुट्टी नहीं लेती हैं।

पचपकड़ी प्राइमरी स्कूल में श्वेता 3 साल से पढ़ा रही हैं। स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते की हालत बहुत खराब है। इसके अलावा वहां कोई साधन भी नहीं मिलता है। रास्तों में बढ़े-बढ़े पत्थर हैं। ऐसे में वो अपनी 6 महीने की बेटी को लेकर रोजाना 6Km का सफर तय करती हैं।

बंट गई मां की ममता

श्वेता का एक बेटा भी है जो 5 साल का है। गांव में सुविधाओं की कमी की वजह से वो कानपुर में अपने पापा के साथ रहता है। स्कूल की छुट्टियों में ही वो बेटे से मिलने जा पाती हैं।

श्वेता का कहना है कि ये काफी पिछड़ा इलाका है। वह यहां तीसरी और चौथी कक्षा के छात्रों को पढ़ाती हैं। रोजाना यह सफर तय करने के लिए बहुत हिम्मत जुटानी पड़ती है, लेकिन बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य के लिए वो हर मौसम में तमाम दुशवारियां झेलकर भी स्कूल जरूर पहुंचती हैं।

प्राथमिक शिक्षा के लिए यूपी सरकार कितना खर्च करती है

यूपी बजट 2018 में योगी सरकार ने शिक्षा पर सबसे अधिक ध्यान दिया है।यह पिछले साल की तुलना में 11.4 प्रतिशत ज्यादा है। सरकार इस बजट में ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के लिए 18 हजार 167 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। वहीं कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क किताबों के लिए सरकार ने 76 करोड़ और यूनिफॉर्म के लिए 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है।योगी सरकार ने बजट में मिड डे मील पर भी विशेष ध्यान दिया है। यूपी सरकार ने बजट में मिड डे मील के लिए 2 हजार 48 करोड़ रुपए, फल वितरण के लिए 167 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यूपी सरकार ने इस बजट में माध्यमिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। सरकार ने 2018-19 में माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 480 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल विद्यालय पर 26 करोड़, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के लिए 167 करोड़ रुपए, अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना के लिए 21 करोड़, महिला एवं बाल कल्याण के लिए 8 हजार 815 करोड़ रुपए की रकम को तय किया गया है।

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