देश के हजारों गांव अंधेरे में, पीएम मोदी ने किया था पूरे देश को रोशन करने का दावा

107 0

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने मणिपुर के लेसांग गांव में बिजली के खंभे और तार लगने के बाद 29 अप्रैल 2018 को दावा किया था कि देश के सभी 6 लाख से ज्यादा गांवों में बिजली पहुंच गई है और हर घर रोशन है, लेकिन हकीकत ये है कि लेसांग के साथ ही देश के 1.5 करोड़ घर अब भी बिना बिजली के हैं।

पीएम मोदी ने अपनी सौभाग्य योजना के तहत देश के हर गांव और हर घर में बिजली पहुंचाने की महत्वाकांक्षी रणनीति बनाई थी, लेकिन 12 अक्टूबर 2018 को सौभाग्य योजना के ही आंकड़ों के मुताबिक यूपी, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मेघालय के 30 फीसदी तक घरों में बिजली नहीं पहुंची है।केंद्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक रिपोर्ट बताती है कि पीएम मोदी का हर गांव तक बिजली पहुंच जाने का दावा गलत है। अभी भी करीब 5 हजार गांव शाम होते ही अंधेरे में घिर जाते हैं। मंत्रालय ने 2018 में 3 लाख 60 हजार गांवों में एक अलग सर्वे कराया। इसमें पता चला कि 14 हजार से ज्यादा गांवों के घरों में बिजली नहीं है।हालत ये है कि देश के सबसे अंतिम गांव मणिपुर के लेसांग को 28 अप्रैल 20187 को ग्रिड से जोड़ने का दावा केंद्र सरकार ने किया था, लेकिन फिलहाल यहां भी बिजली नहीं है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय की ही रिपोर्ट बताती है कि यूपी में सबसे ज्यादा 1044 गांव बिना बिजली के हैं। इसके बाद ओडिशा का नंबर आता है। जहां के 666 गांव अंधेरे में हैं। बिहार में बिना बिजली वाले गांवों की संख्या 533 है। ऐसे में सौ फीसदी गांवों में बिजली पहुंचाने का मोदी सरकार का दावा गलत है। सौभाग्य योजना के तहत 1 करोड़ 60 लाख घरों को 11 अक्टूबर 2017 और 12 अक्टूबर 2018 के बीच बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। इसका मतलब ये है कि हर महीने 50 लाख घरों को रोशन करना था। अभी का हाल देखें, तो ये काम 2019 के नवंबर महीने से पहले पूरा होने के कोई आसार नहीं हैं।

मोदी से पहले केंद्र की कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 1 लाख 8 हजार 280 गांवों को 2005 से 2013 के बीच बिजली कनेक्शन दिया था। यानी हर साल औसतन 12 हजार गांवों में बिजली पहुंचाई गई थी। वहीं, 2015 में मोदी सरकार के दौरान घोषित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 18 हजार 374 गांवों को बिजली दी गई। यूपीए और मोदी सरकार के दौर में ग्रामीण विद्युतीकरण के आंकड़ों को देखें, तो बीजेपी की एनडीए सरकार ने हर साल 4 हजार 600 गांवों में बिजली पहुंचाई। यानी यूपीए सरकार के दौर के मुकाबले कम ही गांवों में बिजली पहुंचाई गई।

Related Post

जेल में बंद कैदी ने ओडिशा के सीएम से मांगी 50 करोड़ फिरौती, हत्या की धमकी भी दी

Posted by - September 4, 2018 0
बिलासपुर। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद एक सजायाफ्ता कैदी ने चिट्ठी भेजकर 50 करोड़ रुपये…

बिहार में तीन युवकों ने नौवीं की छात्रा से किया गैंगरेप, वीडियो किया वायरल

Posted by - October 7, 2017 0
अपनी दोस्‍त से मिलने जा रही थी छात्रा, इसी दौरान तीनों लड़कों ने उसे अगवा कर लिया बांका। तीन युवकों ने…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *