सुपरबग पर असर नहीं करती है कोई दवा, लेकिन ये करेगी

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टोक्यो। एंटीबायॉटिक का इस्तेमाल पहले से काफी बढ़ गया है। लोगों को जरा सी सर्दी जुकाम होती है वो झट से एंटीबायोटिक ले लेते हैं। अगर भारत की बात करें तो यहां एंटीबायॉटिक हमें दूध, चिकन और पानी के जरिए भी मिल रहा है। इसकी वजह से शरीर को कई नुकसान का सामना करना पड़ता है। अब जापान की एक फार्मा कंपनी शियोनोगी ने एक ऐसी दवा बनाई है जो सुपरबग पर भी असर करेगी।

इस दवा का नाम सेफिडेरोकॉल है। इस दवा के जरिए ऐंटीबायॉटिक और दूसरी दवाओं के प्रति प्रतिरोधक हो चुके रोगाणुओं को चमका देकर उन्हें खत्म किया जा सकेगा। इस दवा का ट्रायल किया जा चुका है लेकिन अभी बड़े पैमाने पर इसका ट्रायल होना बाकी है। लोगों का मानना है कि इससे बहुत मदद मिलेगी। इसके निर्माण से सुपरबग का इलाज करने में बहुत मदद मिलेगी।

साल 2017 में WHO ने ऐंटीबायॉटिक रेजिस्टेंट रोगाणुओं के बारे में एक लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में उन्होंने बैक्टीरिया के 12 परिवारों के बारे में बताया था। ये वो 12 परिवार थे जिससे सबसे ज्यादा खतरा रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली के एक हॉस्पिटल के डेटा को देखा गया तो ये बात सामने आई कि फरवरी 2011 से जुलाई 2015 के बीच पैदा हुए हर 3 में से 2 नवजात बच्चों की मौत इंफेक्शन की वजह से हुई थी। इनमें से ज्यादातर इंफेक्शन दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया के वजह से थे।

क्या है सुपरबग

सुपरबग एक ऐसा बैक्टिरिया है, जिसपर किसी भी एंटीबायोटिक्स का असर नहीं होता है। सुपरबग खुद तो कोई बीमारी पैदा नहीं करता, लेकिन, दूसरी बीमारी को खतरनाक और लाइलाज जरूर बना सकता है और एक बार अगर ये किसी के शरीर में आ गया तो फिर एक-दूसरे में भी फैल सकता है।

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