स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक मानी जाती है गेहूं की रोटी, लेकिन लगातार खाने से होता है ये

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नई दिल्ली। गेहूं की रोटी को स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। इसमें पौष्टिकता होती है। फाइबर की वजह से पेट भी ठीक रहता है। भारत के ज्यादातर हिस्सों में रोटी भोजन का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक हमेशा रोटी खाना भी ठीक नहीं है। इससे स्वास्थ्य को कई तरह की गड़बड़ियों का सामना भी करना होता है।

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में छपी एक रिसर्च के मुताबिक लगातार गेहूं की रोटी खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। गेहूं में मौजूद ग्लूटेन नामक तत्व की वजह से व्यक्ति उम्र के मुकाबले ज्यादा बूढ़ा दिखने लगता है। शरीर पर झुर्रियां भी पड़ जाती हैं। इसके अलावा गेहूं की रोटी या इससे बनी चीजें ज्यादा खाने से बाल भी झड़ने लगते हैं और लोग गंजे हो जाते हैं।

रिसर्च करने वालों का दावा है कि गेहूं से बनी पावरोटी यानी ब्राउन ब्रेड खाने से शरीर के कुछ हॉर्मोन भी कम हो जाते हैं और इससे अवसाद तक हो सकता है। गेहूं में मौजूद ग्लूटेन जल्दी पचता नहीं है। पचने के साथ ही ये ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा देता है। ऐसे में लगातार रोटी खाने से टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका भी बढ़ जाती है। ग्लूटेन जल्दी पचता नहीं है, इससे हाजमा भी खराब होने के आसार रहते हैं।

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