सेहत के लिए खतरनाक है अखबार में कुछ भी रखकर खाना, FSSAI ने दी चेतावनी

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नई दिल्ली। आमतौर पर सड़क पर बिकने वाली खाने की चीजों को दुकानदार अखबार के टुकड़ों में लपेटकर देते हैं। लोग इन्हें उसी अखबार में रखकर खा भी लेते हैं, लेकिन ऐसा करना स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा करता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई ने हाल ही में लोगों को इस बारे में चेताया है।

एफएसएसएआई की ओर से जारी एडवायजरी में कहा गया है कि अखबार में कोई भी खाद्य पदार्थ लपेटना और उसे खाना खतरे से खाली नहीं है। लोगों को इस बारे में जागरूक करने के लिए बीमा कंपनी रेलीगेयर हेल्थ इंश्योरेंस ने भी डोंट ईट द न्यूज नाम के अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत कंपनी ने गलियों में अखबारों के टुकड़ों पर खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों को सादे कागज दिए। कंपनी ने एक हेल्पलाइन भी लॉन्च की है। इस अभियान के तहत रेलीगेयर ने दो हफ्ते में ही 5 लाख से ज्यादा सादे कागज दुकानदारों को दिए हैं।

एफएसएसएआई के मुताबिक अखबारों में जो स्याही इस्तेमाल की जाती है, उसमें डाई, अल्कोहल, पिगमेंट, प्रिजरवेटिव जैसे खतरनाक रसायन होते हैं। इनसे खाना पचाने की समस्या, भोजन का जहरीला हो जाना, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी और कैंसर तक हो सकता है। बच्चे और बुजुर्ग अगर अखबार में कोई चीज खाते हैं, तो उनमें बीमारियों से लड़ने की ताकत भी कम हो जाती है। बता दें कि भारत में सड़क किनारे लगने वाले ठेलों और गलियों में फेरी करने वाले खाने की चीजों को अखबार में देते हैं। आम लोगों को अखबार में जहर होने का पता न होने और दुकानदारों में जागरुकता की कमी से अखबारों में रखकर खाने की चीजें बेची जाती हैं।

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