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अध्ययन : सिर्फ स्वाद ही नहीं, कई अन्य कारणों से शराब पर लोग करते हैं खर्च

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वॉशिंगटन। अगर लोगों से पूछा जाए कि वे शराब पीने के लिए कितना पैसा खर्च कर सकते हैं तो शायद सभी अलग-अलग जवाब दें। अब एक अध्ययन में सामने आया है कि शराब के स्वाद की बजाय उसकी उत्पत्ति या कई अन्‍य कारक यह तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं कि कोई व्यक्ति उसके लिए कितना खर्च करने का इच्छुक है।

किसने किया अध्‍ययन ?

अमेरिका के वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह दिलचस्‍प अध्‍ययन किया है। शोधकर्ताओं ने कई परीक्षणों के बाद पाया कि शराब के स्वाद के अलावा और भी कई महत्‍वपूर्ण कारक हैं जो यह तय करते हैं कि कोई व्‍यक्ति शराब पीने के लिए कितना धन खर्च करना चाहता है। उदाहरण के लिए, पश्चिमी देशों के अपने समकक्षों की तुलना में हांगकांग का उपभोक्ता शराब के लिए कितना भुगतान करने का इच्छुक है ?

कैसे किया अध्‍ययन ?

शोधकर्ताओं ने यह परीक्षण तीन चरणों में किया। पहले चरण में प्रतिभागियों को ब्रांड के बारे में सूचना दिए बगैर शराब के चखाई गई। दूसरे चरण में उन्हें शराब देने से पहले यह बताया कि यह शराब किस देश की है। तीसरे चरण में उन्हें शराब चखाने से पहले उसकी सारी जानकारी जैसे ग्रेप वैरायटी, कहां बनी है, कब बनी है इत्‍यादि दी गई। प्रतिभागियों से हर बार शराब चखने के बाद चुनिंदा तत्वों के आधार पर उसकी रेटिंग करने और उस खास शराब के लिए कितना खर्च कर सकते हैं, यह बताने को कहा गया। हर चरण में 5 अलग-अलग देशों और 6 भिन्न-भिन्न क्षेत्रों की समान मूल्य श्रेणी की 6 शराब-तीन लाल और तीन सफेद परोसी गई थीं।

क्‍या रहा अध्‍ययन का नतीजा ?

वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी में क्लीनिकल सहायक प्रोफेसर बायरन मारलोवी ने बताया, ‘इस परीक्षण से पता चला कि पहली बार जब शराब के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई तो ज्यादातर शराबों के प्रति प्रतिभागियों का अच्छा उत्साह देखने को मिला। हालांकि जब प्रतिभागियों को बताया गया कि फलां शराब फलां क्षेत्र की है, जहां से वे परिचित नहीं थे, या उस किस्म के बारे में नहीं जानते थे, तब उस शराब के प्रति उनमें बहुत कम उत्साह देखा गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि आयोवा और विसकोन्सिन की शराबों के प्रति प्रतिभागियों में बहुत ही कम दिलचस्‍पी देखने को मिली और उसके लिए प्रति बोतल खर्च करने पर भी बड़ा नकारात्मक फर्क पड़ा।

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