वैज्ञानिकों की चेतावनी : भविष्‍य में और सुनामियों के लिए तैयार रहे दुनिया

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न्‍यूयॉर्क। ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से पूरी दुनिया में तापमान के साथ साथ समुद्र का जलस्तर भी बढ़ रहा है। विभिन्‍न शोध बताते हैं कि समुद्र के जलस्तर में थोड़ी सी वृद्धि भी सुनामी जैसी आपदाओं के खतरे को बहुत अधिक बढ़ा सकती है। पिछले 20 सालों में सुनामी ने दुनिया के कई देशों में तबाही मचाई है। अब वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की आपदाओं में बढ़ोतरी हो सकती है, जिनके लिए हमें तैयार रहना होगा।

बीते 14 सालों में तीन बड़ी सुनामी

हॉलीवुड की कई फिल्‍मों में हमने सुनामी की भयावहता के दृश्‍य देखे हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह हकीकत बनते जा रहे हैं। बीते 14 सालों में दुनिया ने तीन बड़ी सुनामी देखी हैं। वर्ष 2004 में हिंद महासागर, 2011 में जापान और फिर इसी साल सितंबर 2018 में इंडोनेशिया में आई सुनामी ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया। इंडोनेशिया की ताजा सुनामी में लगभग 1,350 लोग मारे गए जबकि इससे पहले जापान में लगभग 16 हजार और हिंद महासागर की सुनामी में सवा दो लाख लोगों की मौत हुई।

जलवायु परिवर्तन बड़ी वजह

वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे सुनामी का असर और घातक होता जा रहा है। अमेरिका के वर्जीनिया टेक संस्थान में भूविज्ञान विभाग के प्रोफेसर रॉबर्ट वाइस कहते हैं, ‘हमारा शोध दिखाता है कि समुद्र में जलस्तर का बढ़ना सुनामी के खतरे को बढ़ा सकता है। दूसरे शब्‍दों में कहें तो आने वाले समय में छोटी सुनामी से भी उतना ही विनाश हो सकता है जितना आज बड़ी सुनामी से होता है।’ बता दें कि रॉबर्ट वाइस ने अपने अध्‍ययन में सुनामी पर बढ़ते जलस्तर के असर की पड़ताल की है। यह अध्‍ययन ‘साइंस एडवांस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

सुनामी और समुद्र के जलस्‍तर में संबंध

बहुत समय तक वैज्ञानिक यह मानते रहे कि सुनामी और समुद्र के बढ़ते जलस्तर का आपस में कोई संबंध नहीं है, लेकिन ताजा अध्ययन सुनामी पर इसके असर की पुष्टि करता है। अध्‍ययन के लेखकों में शामिल सिंगापुर की अर्थ ऑब्जरवेट्री के एसोसिएट प्रोफेसर एडम स्वित्सर कहते हैं, ‘इंडोनेशिया के पालू में जिस तरह की सुनामी आई, आज से 50 साल के भीतर उसका परिणाम कहीं अधिक खतरनाक होगा, क्योंकि दुनिया के उस हिस्से में जलस्तर बढ़ रहा है और जमीन नीचे जा रही है।’ स्वित्सर कहते हैं, ‘चीन में मकाऊ के इलाके को अभी ‘सुनामी से सुरक्षित’ माना जाता है, लेकिन अगर समुद्र का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो वह भी सुरक्षित नहीं रहेगा। जो इलाके सुनामी से सुरक्षित हैं और जहां बाढ़ के लिए दो से तीन मीटर ऊंची लहरों की जरूरत पड़ती है, वहां भ‍विष्‍य में 1.5 से 2 मीटर ऊंची लहरें ही भारी बाढ़ ला सकती हैं।’

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