CSIR के वैज्ञानिकों ने बनाया सौर ऊर्जा से चलने वाला वाटर प्यूरीफायर, लागत भी बहुत कम

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लखनऊ। भारतीय वैज्ञानिकों ने ‘ओनीर’ नामक एक ऐसा वाटर प्यूरीफायर विकसित किया है, जो सिर्फ दो पैसे प्रति लीटर की कीमत में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा सकता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह सौर ऊर्जा से संचालित होता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह देश की बहुसंख्‍य ग्रामीण आबादी और छोटे-छोटे कस्‍बों के लोगों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

किसने बनाया वाटर प्‍यूरीफायर ?

लखनऊ स्थित भारतीय विषविज्ञान संस्थान (IITR) के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। बता दें कि IITR लखनऊ स्थित वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की संघटक प्रयोगशाला है। इस प्यूरीफायर की तकनीक व्यावसायिक उत्पादन के लिए नई दिल्ली की ब्लूबर्ड वाटर प्यूरीफायर्स कंपनी को हस्तांतरित की गई है। इस प्यूरीफायर का विकास मेक इन इंडिया मिशन के अंतर्गत किया गया है। CSIR के महानिदेशक डॉ शेखर सी. मांडे का कहना है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की समस्या को दूर करने में यह यंत्र काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

वैज्ञानिकों द्वारा बनाया गया वाटर प्‍यूरीफायर ‘ओनीर’

कैसे काम करता है यह ?

‘ओनीर’ में उपयोग की गई प्रौद्योगिकी एनोडिक ऑक्सीकरण के सिद्धांत पर आधारित है। इस प्यूरीफायर की मदद से बीमारियों को जन्म देने वाले सभी तरह के रोगाणुओं, जैसे- वायरस, बैक्टीरिया, कवक, प्रोटोजोआ अथवा सिस्ट को नष्ट करके पानी का शुद्धीकरण कर सकते हैं। इस प्यूरीफायर के सामुदायिक मॉडल में लगे स्मार्ट सेंसर वास्तविक समय में सभी परिचालन चरणों की जानकारी प्रदान करते हैं। इससे प्रति 5000 लीटर पानी के शुद्धीकरण के लिए लगभग एक यूनिट बिजली खर्च होगी। सौर ऊर्जा से भी इसे संचालित किया जा सकता है।

5 मिनट में 10 लीटर पानी करेगा शुद्ध

ओनीर घरेलू और सामुदायिक मॉडल्स में उपलब्ध होगा। इसकी छोटी इकाई विशेष रूप से घरों, खाद्य उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों और छोटे प्रतिष्ठानों के लिए उपयुक्त हो सकती है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर ओनीर का घरेलू संस्करण 5 मिनट में 10 लीटर और सामुदायिक संस्करण एक घंटे में 450 लीटर पानी की आपूर्ति कर सकता है। ओनीर मॉड्यूलर तकनीक से बना है, जिसमें बदलाव करके प्रतिदिन पांच हजार से एक लाख लीटर तक पानी का शुद्धिकरण कर सकते हैं। सौर ऊर्जा से संचालित होने के कारण यह प्यूरीफायर बिजली की समस्या से ग्रस्त दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में भी उपयोगी हो सकता है।

अन्‍य वाटर प्‍यूरीफायर से अलग

ओनीर कई मायनों में बाजार में प्रचलित अन्‍य वाटर प्‍यूरीफायर से अलग है। बाजार में पहले से मौजूद ज्यादातर वाटर प्यूरीफायर महंगे हैं और उनके रखरखाव का खर्च वहन करना भी सभी वर्ग के लोगों के लिए संभव नहीं है, जबकि ओनीर की लागत बेहद कम है। अल्ट्रा वायलेट (यूवी) वाटर प्यूरीफायर यंत्र साफ दिखने वाले पानी से सूक्ष्मजीवों का सफाया करते हैं। वहीं, ओनीर की मदद से खारे या गंदे पानी से भी सूक्ष्मजीवों को हटाया जा सकता है। इसी तरह रिवर्स ऑस्मोसिस (आर.ओ.) में जल के शुद्धिकरण की प्रक्रिया में उपयोगी खनिज नष्ट हो जाते हैं। जबकि, ओनीर को इस तरह बनाया गया है कि पानी में आवश्यक खनिजों का संरक्षण हो सके। इसकी अनूठी कीटाणुरोधक प्रक्रिया आवश्यक प्राकृतिक खनिजों को बनाए रखती है।

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