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रिसर्च : वैज्ञानिकों को मिले प्राणी जीवन के प्राचीनतम साक्ष्य, ‘स्पंज’ है सबसे पुराना रूप

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लॉस एंजिलिस। वैज्ञानिकों ने भारत और अन्य जगहों से प्राचीन चट्टानों और तेलों में प्राणी जीवन के प्राचीनतम साक्ष्‍यों का पता लगाया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये धरती पर जीवन के इतिहास से जुड़े क्रमिक विकास के सर्वाधिक महत्वपूर्ण अध्याय (कैंब्रियन एक्सप्लोजन) के कम से कम 10 करोड़ साल पहले के हैं।

क्‍या कहना है वैज्ञानिकों का ?

कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय, रिवरसाइड (UCR) के अनुसंधानकर्ताओं ने जंतु जीवन के 66 करोड़ साल से ले कर 63.5 करोड़ साल पुराने आण्विक संकेतों का पता लगाया है जिन्‍हें ‘बायोमार्कर’ कहा जाता है। यह नियोप्रोटेरोजोइक युग के हैं। वैज्ञानिकों ने भारत, ओमान और साइबेरिया के प्राचीन चट्टानों से एक स्टेरॉयड यौगिक ढूंढ निकाला जो सिर्फ स्पंज में बनता है। इस प्रकार वैज्ञानिकों का मानना है कि स्पंज प्राणी जीवन का प्राचीनतम रूप है। बता दें कि इससे पहले कैंब्रियन एक्सप्लोजन में मेरूदंड वाले जटिल जीवों के जीवाश्म सामने आए थे। इसकी शुरुआत आज से 54 करोड़ 10 लाख साल पहले मानी जाती है।

बायोमार्कर की कर रहे थे खोज

यूसीआर के अनुसंधानकर्ता एलेक्स जुंबर्ग ने बताया कि हम जटिल एवं बहुकोशीय जीवन के आरंभ से पहले एकल कोशीलय जीवों की बजाय स्पंजों और प्रारंभिक जंतुओं के वजूद इंगित करने वाले सुस्पष्ट एवं टिकाऊ बायोमार्कर खोज रहे थे। उन्होंने जिस बायोमार्कर को चिह्नित किया वह 26-मिथाइलस्टिगमैस्टेन (26-MES) नामक एक स्टेरॉयड यौगिक है। इसकी संरचना अनूठी है और फिलहाल की जानकारी के हिसाब से सिर्फ डमोस्पोंज नामक कुछ आधुनिक स्पंजों की प्रजातियां इसे तैयार करती हैं।

क्‍या होता है स्‍पंज ?

स्‍पंज एक बिना मेरुदण्‍ड का पोरीफेरा ग्रुप का समुद्री जीव है। यह मीठे और खारे पानी में पाया जाता है। ये जन्तु कॉलोनी बनाकर अपने आधार से चिपके रहते हैं। ये एकमात्र ऐसे जन्तु हैं जो चल फिर नहीं सकते हैं। ये लाल और हरे आदि कई रंगों के होते हैं। इनका शरीर पौधों की तरह शाखा-प्रशाखा युक्त होता है। इनके शरीर पर छोटे-छोटे छिद्र होते हैं जिनसे होकर जल इनके शरीर में प्रवेश करता है, जिसे ऑस्टिया कहते हैं। इनके अग्रभाग पर एक बड़ा छिद्र होता है, जिससे जल बाहर निकलता है, इसे उस्कुलम कहते हैं।

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