शोध में दावा : मोटापा से शरीर में बढ़ सकता है कोलोन कैंसर का खतरा

47 0

लंदन। मोटापा शरीर में कई तरह के रोगों को जन्म देता है। अगर आप मोटापे के शिकार हैं तो आपको कैंसर होने का भी खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे लोगों को अपना वजन घटाने का प्रयास करना चाहिए। अमेरिका में किए गए एक नए शोध में यह दावा किया गया है। शोध में 50 लाख से अधिक लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया, जिसमें मोटापे और कैंसर के बीच संबंध पाया गया।

कैसे किया गया शोध ?

शोधकर्ताओं ने हाल ही में की गई एक स्टडी के आधार पर बताया है कि जिन महिलाओं का वजन बहुत ज्यादा है, उनमें 50 साल की उम्र से पहले ही कोलोन कैंसर होने के चांसेज बढ़ जाते हैं। शोधकर्ताओं ने कम बॉडी मास इंडेक्स (BMI) वाली महिलाओं को उन महिलाओं से कंपेयर किया, जिनका BMI ज्यादा था। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं का BMI ज्यादा था, उनमें कोलोन कैंसर होने के दोगुने चांस थे। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर यिन काओ के मुताबिक, स्टडी से पता चलता है कि हेल्दी वेट और डाइट मेंटेन करना जरूरी है।

क्‍या निकला शोध का नतीजा ?

शोधकर्ताओं के मुताबिक, किसी व्यक्ति के बॉडी मास इंडेक्स में हर 5 अंक की वृद्धि से उनके गर्भाशय कैंसर से ग्रस्त होने की संभावना 62 प्रतिशत अधिक बढ़ जाती है और गुर्दे के कैंसर से ग्रस्त होने की संभावना 25 प्रतिशत अधिक बढ़ जाती है। एनएचएस परामर्शदाता और वेट लॉस विशेषज्ञ सैली नॉर्टन के मुताबिक, ‘अतिरिक्त वसा आपके शरीर के मध्यम हिस्से में यूं ही जमा नहीं रहती, बल्कि यह कई हार्मोनों का उत्पादन करती है जिनमें से एक एस्ट्रोजन है।’

41 प्रतिशत गर्भाशय कैंसर का कारण मोटापा

नॉर्टन ने कहा, ‘रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद जब अंडाशय हार्मोन स्रावित करना बंद कर देते हैं, तब वसा ही एस्ट्रोजन का मुख्य स्रोत होती है। दूसरे शब्‍दों में मेनापॉज के बाद ऐसी महिलाएं जो मोटापे की शिकार हैं, उनमें एस्ट्रोजन के कारण होने वाले ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है।’ अतिरिक्त वसा न केवल कुछ स्तन कैंसरों के खतरे को बढ़ाती है, बल्कि यह इलाज को भी कम प्रभावशाली बना देती है। नॉटर्न के मुताबिक, ‘41 प्रतिशत गर्भाशय कैंसर का कारण मोटापा हो सकता है। वहीं पुरुषों के मामले में मोटापे के कारण कोलोन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।’ नॉर्टन के अनुसार, लगभग 10 प्रतिशत कोलोन कैंसर का संबंध मोटापे से जुड़ा है। इसके अलावा लीवर कैंसर का भी मोटापे से संबंध देखा गया है।

कोलोन कैंसर के कारण और लक्षण 

  • डायरिया होने से कोलोन कैंसर की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, यानी डायरिया होना इसका प्रमुख लक्षण है।
  • लंबे समय तक कब्‍ज की समस्‍या बनी रहने से भी कोलन कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।
  • घर में यदि किसी को कोलोन कैंसर हुआ हो तो दूसरे को भी कोलोन कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती ह।
  • स्मोकिंग और अल्‍कोहल का सेवन करने वालों को भी कोलोन कैंसर होने का खतरा होता है।
  • इसके लक्षणों में मल में खून आना, ठीक से पेट साफ़ न होना, खाना न पचना और लगातार उल्‍टी होना शामिल हैं।
  • इनके अलावा बिना किसी रोग अथवा वजह के शरीर में खून की कमी हो जाना, वजन का लगातार कम होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द बने रहना और अत्यधिक थकान महसूस होना भी इसके लक्षण हैं।

किसे आशंका ज्‍यादा ?

  • 20 में से 1 व्यक्ति को कोलोन कैंसर होने का खतरा होता है।
  • बढ़ती उम्र के साथ इस कैंसर के होने का खतरा बढ़ता जाता है.
  • आहार में कम फाइबर लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कैंसर के विकसित होने का खतरा हो सकता है।
  • 50 वर्ष की आयु तक कैंसर का पता चलना आवश्यक है, अन्यथा इसका इलाज  मुश्किल हो जाता है।

Related Post

पीएनबी महाघोटाला : 84 साल के सीए करेंगे जांच, कहलाते हैं ‘ब्योमकेश बख्शी’

Posted by - February 26, 2018 0
रिजर्व बैंक ने महाघोटाले की जांच के लिए सीए येज्दी हिरजी मालेगम की अध्‍यक्षता में बनाई कमेटी मुंबई। पंजाब नेशनल…

विधानसभा में सीएम योगी बोले, मैं हिंदू हूं, ईद नहीं मनाता और इसका मुझे गर्व

Posted by - March 6, 2018 0
मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा – हिंदू होने पर गर्व की अनुभूति होना कोई बुरी बात नहीं विपक्षी दलों पर साधा…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *