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हिमाचल प्रदेश के केलांग में सुरंग के भीतर बनेगा देश का पहला रेलवे स्टेशन

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नई दिल्ली। कोलकाता और दिल्ली में तो कई ऐसे मेट्रो स्टेशन हैं, जो जमीन के नीचे बने हैं। इनमें दिल्‍ली का चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन तो मेट्रो की सुरंग का ही हिस्सा है, लेकिन अब देश में जल्द ही एक ऐसा रेलवे स्टेशन भी बनने जा रहा है, जो सुरंग के भीतर होगा। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट पर 83 हजार 360 करोड़ की लागत आने का अनुमान है।

3,000 मीटर की ऊंचाई पर होगा

उत्तर रेलवे के मुख्य निर्माण अभियंता डीआर गुप्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के केलांग में बनने वाला यह रेलवे स्टेशन समुद्र तल से 3,000 मीटर की ऊंचाई पर होगा। बता दें कि केलांग चीन-भारत सीमा पर रणनीतिक महत्व के लिहाज से एक महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। यह बिलासपुर-मनाली-लेह रेलमार्ग का हिस्सा है। केलांग हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले का प्रशासनिक केंद्र भी है। यह मनाली से 26 किलोमीटर और भारत-तिब्बत सीमा से 120 किलोमीटर दूर है। यह दुनिया की सबसे ऊंची रेलवे लाइन होगी।

सर्वेक्षण का काम पूरा

मुख्‍य निर्माण अभियंता ने बताया कि अभी इस रेलमार्ग पर सर्वेक्षण का काम पूरा हो गया है। देश का यह पहला ऐसा रेलवे स्टेशन होगा, जो सुरंग के भीतर होगा। यह इस मार्ग पर बनने वाली एक 27 किलोमीटर लंबी सुरंग का हिस्सा होगा। उन्‍होंने बताया कि हो सकता है कि इस तरह के और भी स्टेशन इस मार्ग पर बनें। इस मार्ग के पूरा होने पर बिलासपुर और लेह के बीच में सुंदरनगर, मंडी, मनाली, केलांग, कोकसार, दारचा, उप्शी और कारू रेलवे स्टेशन होंगे। यह रेलमार्ग भारत-चीन सीमा पर सामान और कर्मचारियों की आवाजाही के लिहाज से रणनीतिक तौर पर काफी अहम है।

रेलमार्ग पर बनेंगी 74 सुरंगें

प्राथमिक सर्वेक्षण के अनुसार, इस मार्ग पर 74 सुरंग बननी हैं। इनके अलावा 124 बड़े पुल और 396 छोटे पुलों का भी निर्माण किया जाना है। इस रेलमार्ग के पूरा हो जाने पर दिल्ली और लेह के बीच की दूरी पूरा करने में लगने वाला समय करीब आधा हो जाएगा। अभी इस दूरी को पूरा करने में करीब 40 घंटे लगते हैं। यह रेलमार्ग बनने के बाद यह समय घटकर 20 घंटे रह जाएगा। इस रेलमार्ग के लिए अंतिम सर्वेक्षण 30 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।

ट्रेन में होंगे स्‍पेशल डिब्‍बे

इस दुर्गम रेलमार्ग पर ट्रेन जोखिम भरे और उबड़-खाबड़ इलाकों से होकर गुजरेगी। रास्ते में कई जगह ऑक्सीजन की भी कमी को देखते हुए ट्रेन में स्पेशल डिब्बे लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को किसी तरह की कोई दिक्कत ना होने पाए।

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