स्टडी : जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्री घोंघे के अस्तित्व पर मंडराया खतरा

50 0

लंदन। जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर के समंदरों का पानी तेजी से अम्‍लीय हो रहा है, जिसके कारण समुद्री जीवों के अस्तित्‍व पर खतरा मंडराने लगा है। ब्रिटेन और जापान में भी कुछ यही हालात हैं। इन दोनों देशों के शोधकर्ताओं ने संयुक्‍त रूप से एक अध्‍ययन किया है, जिसमें सामने आया है कि समुद्रों में रहने वाले घोंघे के लिए अब जीवित रहना मुश्किल होता जा रहा है।

किसने किया अध्‍ययन ?

ब्रिटेन के प्लाइमौथ विश्वविद्यालय और जापान के सुकुबा विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त रूप से अध्ययन किया जिसमें ये सामने आया कि यहां के जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र का पानी अम्लीय हो रहा है। इस कारण यहां रहने वाले घोंघों की परेशानी बढ़ती जा रही है और उनका जिन्दा रहना  मुश्किल हो रहा है। इस अध्ययन का निष्कर्ष ‘फ्रंटियर्स इन मरीन साइंस’नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

कैसे पहुंच रहा नुकसान ?

शोधकर्ताओं ने समुद्री घोंघों (शंख) की खोल का अध्ययन किया और ये पता लगाया कि उन पर क्या असर पड़ रहा है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जलवायु परिवर्तन के कारण पानी में कार्बन डाईऑक्साइड (CO2)  की मात्रा तेजी से बढ़ रही है। CO2 की मात्रा अधिक होने से घोंघों की खोल पर इसका काफी विपरीत असर पड़ रहा है और इसके कारण घोंघों का खोल कमजोर हो रहा है। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि इसी तरह का दुष्‍प्रभाव खोल वाले अन्य समुद्री जीवों पर भी पड़ रहा है, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हो रहा है। प्लाइमौथ विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर बेन हार्वे ने कहा कि इसकी रोकथाम के लिए जल्‍द ही उचित कदम उठाने होंगे।

क्‍या है जलवायु परिवर्तन ?

जलवायु परिवर्तन औसत मौसमी दशाओं के पैटर्न में ऐतिहासिक रूप से बदलाव आने को कहते हैं। सामान्यतः इन बदलावों का अध्ययन पृथ्‍वी के इतिहास को दीर्घ अवधियों में बाँट कर किया जाता है। जलवायु की दशाओं में यह बदलाव प्राकृतिक भी हो सकता है और मानव के क्रियाकलापों का परिणाम भी। वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्रीनहाउस इफेक्‍ट और वैश्विक तापमान मनुष्य की क्रियाओं का ही परिणाम हैं। औद्योगिक क्रांति के बाद मनुष्य द्वारा स्‍थापित उद्योगों से निकले कार्बन डाईऑक्साइड आदि जहरीली गैसों के वायुमंडल में अधिक मात्रा में बढ़ जाने को इसका जिम्‍मेदार माना जा रहा है। जलवायु परिवर्तन के खतरों के बारे में वैज्ञानिक लगातार आगाह करते आ रहे हैं।

Related Post

2028 तक दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत : रिपोर्ट

Posted by - November 14, 2017 0
मुंबई : 2028 तक भारत तेज विकास दर के रथ पर सवार होकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। अमेरिकी फर्म…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *