राजस्थान के डॉक्टरों ने देश में पहली बार किया गायों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन

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जयपुर। राजस्‍थान में जोधपुर जिले के मंडोर में डॉक्‍टरों ने देश में पहली बार गायों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया है। देश में ऐसा पहली बार है कि किसी गौशाला में गायों के ऑपेरशन के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है। जोधपुर के पास मंडोर में स्थित पन्नालाल गौशाला देश की पहली गौशाला है, जहां यह सुविधा हाल ही में शुरू हुई है।

पांचा गायों की हुई सर्जरी

पन्‍नालाल गौशाला में सितंबर महीने में विशेष ऑपरेशन थियेटर बनाकर 5 गायों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। इनमें से तीन गाय ठीक से देख पा रही हैं। यहां के डॉक्‍टरों ने बताया कि आने वाले दिनों में करीब 100 गायों का ऑपरेशन किया जाएगा। गौशाला प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्ष सालगराम टाक ने एक न्‍यूज एजेंसी से बातचीत में बताया कि गायों के मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए विशेष ऑपरेशन थियेटर बनाया गया है।

कुत्‍तों, बिल्लियों का भी हुआ है ऑपरेशन

मंडोर में पिछले माह आयोजित किए गए पहले शिविर में राजस्थान पशु चिकित्सा और पशुविज्ञान विश्वविद्यालय (बीकानेर) में नेत्र रोग विभाग के प्रमुख सुरेश कुमार झीरवाल की टीम ने गायों के ऑपरेशन किए। डॉ. झीरवाल ने बताया कि उनकी टीम इससे पहले कुत्‍तों, बिल्लियों, खरगोश, बतख तथा कुछ पक्षियों में मोतियाबिंद के ऑपरेशन कर चुकी है लेकिन गायों में पहली बार इस तरह का ऑपेरशन किसी गौशाला में किया गया है।

गौशाला में हैं 4 हजार बीमार गाय

सालगराम टाक ने बताया कि इस गौशाला में मोतियाबिंद से पीड़ित लगभग 100 और गायों के ऑपरेशन आने वाले दिनों में किए जाएंगे। गौशाला में दूसरा ऑपरेशन थियेटर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जोधपुर के पास 50 बीघे में फैली 145 वर्ष पुरानी इस गौशाला में लगभग 4,000 अपंग या बीमार गायों की देखरेख की जा रही है। यहां करीब 700 दृष्टिहीन गाय हैं। इनके अलावा छह हजार कबूतर भी यहां हैं। टाक ने बताया कि गौशाला में 80 कर्मचारी हैं, जो गायों की देखभाल करते हैं।

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