आप जानते हैं, इंसानों के पास कैसे आई वायरल बीमारियों से लड़ने की क्षमता ?

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बोस्टन। वायरल बीमारियों की खबरें हम आए दिन सुनते रहते हैं। अक्‍सर सुनने में आता है कि कोई न कोई वायरल फीवर से पीडि़त है या फिर अन्‍य वायरल बीमारियों से। इनमें से कई बीमारियां तो काफी घातक होती हैं लेकिन कई ऐसी भी होती हैं जो कुछ समय के बाद अपने आप ठीक हो जाती हैं। आप जानते हैं कि आखिर ऐसा क्‍यों होता है ?

क्‍या है कारण ?

अमेरिका में किए गए एक दिलचस्‍प अध्‍ययन में जो नतीजा सामने आया है, उसे जानकार आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल अध्‍ययन में पता चला है कि आधुनिक समय में मनुष्यों को हेपेटाइटिस और इन्फ्लुएन्‍जा जैसी वायरल बीमारियों से लड़ने की आनुवांशिक क्षमता आदिमानवों से मिली है। यह अध्ययन ‘सेल’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

क्‍या कहा गया है अध्‍ययन में ?

अध्ययन में पाया गया है कि 50,000 साल पहले जब दोनों नस्लों का संकरण हुआ था तो मनुष्यों में यह आनुवांशिक गुण आ गया। बता दें कि आदिमानव रहस्यमय तरीके से करीब 40,000 साल पहले लुप्त हो गए थे लेकिन विलुप्त होने से पहले उन्होंने मनुष्य की अन्य नस्लों के साथ संकरण किया जो वैश्विक तौर पर इसके फैलने की शुरुआत थी। इन प्राचीन संकरण के परिणामस्वरूप आज कई आधुनिक यूरोपीय और एशियाई मनुष्यों के जीन के समूह में करीब दो फीसदी डीएनए आदिमानव का है।

क्‍या कहना है शोधकर्ताओं का ?

अमेरिका में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दिमित्रि पेत्रोव ने कहा, ‘हमारे अध्ययन में पता चला कि आदिमानव के जीन से वायरसों के खिलाफ हमें सुरक्षा मिल सकी है। हमारे पूर्वज अफ्रीका छोड़ते समय इन वायरसों की चपेट में आए थे।’ वहीं एरिजोना विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डेविड एनार्ड ने कहा, ‘आधुनिक मानव और आदिमानवों का करीबी संबंध है। इस निकटता का यह भी मतलब है कि आदिमानव इन वायरसों के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता हमें भी दे सकते हैं।’

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Posted by - September 27, 2018 0
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