आयुर्वेद अपनाइए, वात, पित्त और कफ के दोष को दूर भगाइए

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नई दिल्ली। आयुर्वेद के मुताबिक शरीर में वात यानी हवा, पित्त यानी भोजन को पचाने का रस और कफ यानी बलगम का दोष होता है। हर किसी में ये तीनों या फिर इनमें से कोई एक दोष पाया जाता है। भले ही आधुनिक चिकित्सा पद्धति इन दोषों को न मानती हो, लेकिन आयुर्वेद में इन दोषों को दूर कर शरीर को निरोगी बनाने के तमाम तरीके दिए गए हैं।

आयुर्वेद में कहा गया है कि वात, पित्त और कफ के दोष आपके शरीर की बनावट के हिसाब से होता है। इन्हें एक तरह की ताकत माना गया है। जो शारीरिक, मानसिक और अन्य तौर-तरीके तय करती है। अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए सुख आयुर्वेद की डॉ. रुचि गुलाटी ने कहा कि वायु, जल, पृथ्वी, अंतरिक्ष और अग्नि की वजह से वात, पित्त और कफ के दोष होते हैं। इन दोषों के आधार पर ही हमारा शरीर प्रतिक्रिया करता है।

लेकिन आपको कैसे पता चलेगा कि कौन सा दोष शरीर में है ? और क्या आयुर्वेद के हिसाब से खान-पान को संयमित रखकर इन दोषों को दूर किया जा सकता है ? आयुर्वेद में कहा गया है कि खान-पान को संयमित करके और कुछ विशेष चीजें खाकर आप वात, पित्त और कफ दोष को दूर कर सकते हैं। आयुर्वेद कहता है कि अगर पित्त का दोष है, तो आपको बादाम, हरी सब्जियां, बिना नमक वाला मक्खन, अंडे की जर्दी और नारियल खाना चाहिए। अगर वात दोष हो तो, दूध, दही पनीर, छाछ, अंडे, मछली, मूंगफली और घीन खाना चाहिए। कफ के दोष में इनमें से कुछ के साथ चीज, कड़वी सब्जियां वगैरा खाने की जरूरत होती है। हालांकि, अगर आप आयुर्वेद के हिसाब से खान-पान करते हैं, लेकिन इसे सही वक्त पर नहीं लेते, तो असर नहीं होता है। पहली तो अपनी प्रकृति के हिसाब से खाना चाहिए। दूसरा ताजी चीजें खानी चाहिए और स्थान और समय के हिसाब से खाना जरूरी है। इसके अलावा खाते समय शांति होनी चाहिए और जगह बिल्कुल साफ-सुथरी होने की भी जरूरत है। ताकि आप जो चीज खा रहे हैं, उसका स्वाद आपको महसूस हो। आयुर्वेद कहता है कि इससे उस चीज को पचाने में आसानी होती है।

इसके अलावा फल और भोजन एक साथ न खाएं। हर महीने दो दिन फल या फल का जूस ही दिनभर लें। इससे आपकी आंतें साफ होती हैं और शरीर हल्कापन महसूस करता है। साथ ही ऊर्जा भी काफी मिलती है। तो क्यों न अपने वात, पित्त और कफ के दोष को दूर करने के लिए आज से ही आयुर्वेद का उपचार खुद ही घर पर शुरू करें।

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Posted by - September 24, 2018 0
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