रिसर्च से खुलासा, इस वजह से पुरुषों के मुकाबले ज्यादा जिंदा रहती हैं महिलाएं

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लंदन। महिलाएं आम तौर पर पुरुषों से ज्यादा जिंदा रहती हैं, लेकिन इसकी वजह क्या है ? इस सवाल का जवाब एक ताजा रिसर्च से सामने आया है।

रिसर्च के मुताबिक पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के ज्यादा जिंदा होने का राज उनके क्रोमोसोम पर एस्ट्रोजेन नाम के हॉर्मोन का असर है। बता दें कि लंबी उम्र का संबंध क्रोमोसोम के ऊपरी हिस्से में मौजूद टेलोमेर नाम की कोशिका की लंबाई से होती है।

रिसर्च में देखा गया कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के टेलोमेर ज्यादा लंबे होते हैं और वे काफी वक्त तक लंबे बने रहते हैं। जबकि पुरुषों के टेलोमेर छोटे होते हैं और उम्र बढ़ने के साथ ही और छोटे होते जाते हैं। इस वजह से महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की मौत जल्दी हो जाती है।

कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च बताती है कि एस्ट्रोजेन की वजह से टेलोमेर लंबे हो जाते हैं। इस वजह से पुरुषों के मुकाबले महिलाएं औसतन पांच फीसदी ज्यादा उम्र पाती हैं। पुरुषों में टेलोमेर का छोटा होना शराब पीने और धूम्रपान की वजह से है। रिसर्च करने वालों का मानना है कि लोग अब शराब और धूम्रपान से दूर हट रहे हैं। ऐसे में 2032 तक महिलाओं के साथ पुरुषों की उम्र भी ज्यादा हो सकती है।

वैज्ञानिकों का ये भी कहना है कि किसकी उम्र कितनी होगी, ये उसके शरीर में स्थित क्रोमोसोम तय करते हैं। हमारे शरीर में डीएनए 23 जोड़े क्रोमोसोम और टेलोमेर के बने होते हैं। टेलोमेर उसी न्यूक्लिक एसिड से बनते हैं, जिससे किसी इंसान की रूप-रेखा जीन तय करते हैं।

टेलोमेर के नष्ट होने से शरीर की कोशिकाएं बूढ़ी होने लगती हैं और मर जाती हैं। ऐसे में साफ है कि टेलोमेर हमारे स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए कितने जरूरी हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार अगर इंसान खुश रहे, तो उसके टेलोमेर लंबे रहते हैं, लेकिन अगर इंसान किसी मामले में दर्द महसूस करे या तनाव में रहे, तो उसके टेलोमेर नष्ट होने लगते हैं और जिंदगी भी कम रह जाती है।

रिसर्च के मुताबिक अमेरिका में अब महिलाएं औसतन 81 साल जीती हैं। जबकि, पुरुष औसतन 76 साल की उम्र तक जीवित रहते हैं। दोनों के टेलोमेर के साइज इस उम्र की वजह बताते हैं। रिसर्च करने वालों के मुताबिक इसकी बड़ी वजह एस्ट्रोजेन है। ये हार्मोन महिलाओं में पाया जाता है और महिला को महिला जैसी दिखने वाला बनाता है। इसी हार्मोन की वजह से महिलाओं में पीरियड्स होते हैं और वो बच्चा पैदा करने लायक बनती हैं।

हालांकि, एस्ट्रोजेन से कुछ तरह के कैंसर भी होते हैं, लेकिन ये दूसरी बीमारियों से महिलाओं को बचाने का काम भी करता है। एस्ट्रोजेन का ज्यादा स्तर महिलाओं को दिल की बीमारियों से दूर रखता है और उनके दिल को मजबूत बनाता है। साथ ही ये हार्मोन हड्डियों को भी मजबूत करता है।

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