चाइल्डकेयर में जाने वाले बच्चों का होता है अच्छा मानसिक विकास, जल्दी बना लेते हैं दोस्त

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पेरिस। कुछ कामकाजी महिलाएं ऑफिस जाने से पहले बच्चों को चाइल्डकेयर में छोड़कर जाती हैं। वहीं, कुछ ऐसी महिलाएं होती हैं, जिनके ऑफिस जाने बाद उनके बच्चों का ध्यान घर के बड़े-बूढ़े रखते हैं। हाल ही में एक स्टडी सामने आई है जिसमें बताया गया है कि जिन बच्चों को चाइल्डकेयर भेजा जाता है, उनका दूसरे बच्चों के मुकाबले व्यवहार अच्छा रहता है। इसके अलावा उनमें सोशल स्किल्स अच्छे होते हैं। वो जल्दी दोस्ती कर लेते हैं।

ऐसे की स्टडी
पेरिस में पिएरे लुई इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड पब्लिक हेल्थ के वैज्ञानिकों ने 8 साल तक बच्चों के इमोशनल डेवलपमेंट पर स्टडी की। 3,5 औ 8 साल के बच्चों के पैरेंट्स से उनके बच्चों के बिहेवियर और इमोशल प्रॉब्लम के बारे में सवाल किए गए। उनसे पूछा गया कि किस तरह का चाइल्डकेयर अपने बच्चों को दिया है। रिसर्चर्स ने पाया कि 10 में से 4 बच्चे ( 44.5%) का ध्यान आया ने रखा। वहीं 26 प्रतिशत बच्चों को चाइल्डकेयर भेजा गया और 30 प्रतिशत बच्चों का ख्याल उनकी फैमिली ने रखा।

ये रहा रिजल्ट
रिसर्चर्स ने पाया कि जिन बच्चों को चाइल्डकेयर या डे-केयर भेजा गया था, उनमें भावनात्मक और व्यावहारिक समस्याएं कम पाई गईं। चाइल्डकेयर में भेजे गए बच्चे जल्दी दोस्त भी बना लेते हैं। जिन बच्चों को देखभाल घर पपर आया ने की, उनमें सबसे ज्यादा भावनात्मक और व्यवहारिक समस्याएं पाई गईं।

क्या कहा रिसर्चस ने
जिन बच्चों की मां उन्हें चाइल्डकेयर में छोड़कर कॉलेज या यूनिवर्सिटी जाती थीं, उनका दिमागी विकास अच्छी तरह से हुआ। इस स्टडी को जर्नल ऑफ एपिडेमियालॉजी और कम्युनिटी हेल्थ में पब्लिश किया गया है।

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