जानिए, भारत में स्मार्टफोन यूजर्स हर दिन करते हैं कितने जीबी डाटा की खपत

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  • इंटरनेट की दुनिया में भारत सबसे आगे, 7.5 गुना बढ़ी डेटा की खपत, लगातार बढ़ रहे यूजर : रिपोर्ट

नई दिल्‍ली। भारत में डिजिटल क्रांति का जबरदस्त असर दिख रहा है। डिजिटल क्रांति की वजह से हर दिन जहां इंटरनेट यूजर्स की संख्या बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ दिन ब दिन इंटरनेट डाटा की दर सस्ती होती जा रही है। यह डिजिटल क्रांति का ही असर है कि भारत में दुनिया में सबसे सस्ती कॉल और किफायती डाटा मिल रहे हैं। एक ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आज देश में स्मार्टफोन यूजर्स रोजाना औसतन 1 जीबी डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं, यानी एक महीने में डाटा की खपत 30 जीबी है।

क्‍या कहा गया है रिपोर्ट में ?

नीलसन इंडिया ने ‘नीलसन स्मार्टफोन 2018’ रिपोर्ट में कहा है कि भारतवासियों को इंटरनेट की कितनी जरूरत थी, यह अब पता चल रहा है। आज देश में स्मार्टफोन उपभोक्‍ता प्रतिदिन औसतन 1 जीबी डेटा इस्तेमाल करते हैं, जबकि डेढ़ साल पहले तक यह औसत 4 जीबी प्रतिमाह का था। पहले जब 50 रु, 100 रु में कुछ जीबी डेटा लोगों को मिलता था तो बहुत कंजूसी से लोग डेटा का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं भी करना हो तो भी लोग कुछ न कुछ करते रहते हैं। आज मध्‍यम वर्ग के यूजर्स हर दिन औसतन 90 मिनट समय इंटरनेट पर बिताते हैं, जबकि प्रीमियम सेंगमेंट के ग्राहक 130 मिनट तक का समय खर्च करते हैं।

स्‍मार्टफोन का बाजार बढ़ा

नीलसन इंडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में देखें तो भारत में स्मार्टफोन का बाजार सबसे तेजी से उभर रहा है, क्योंकि यहां किफायती हैंडसेट और किफायती डेटा की पैठ बढ़ी है। सभी खंडों के स्मार्टफोन की मांग में इजाफा हुआ है। आईपीजी-नीलसन इंडिया के निदेशक (प्रौद्योगिकी) अभिजित माटकर ने कहा, ‘हाई स्पीड 4जी इंटरनेट का उदय, बजट मोबाइल हैंडसेट, कॉल, डेटा की कीमतों में सुधार से भारत में स्मार्टफोन रखनेवालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। भारतीय यूजर्स की मांग को पूरा करने के लिए चाइनीज और भारतीय हैंडसेट निर्माताओं ने 5,000 रुपये से भी कम कीमत वाले किफायती हैंडसेट लांच किए हैं।

तीन तरह के स्‍मार्टफोन बाजार में

नीलसन इंडिया ने इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए स्मार्टफोन को उनकी कीमत के हिसाब से तीन कैटेगरीज में बांटा है। पहला 5000 रुपये से कम कीमत वाले एंट्री-लेवल हैंडसेट, दूसरा 5000-15000 रुपये के बीच वाले मिडिल-लेवल हैंडसेट और तीसरा 15000-25000 रुपये के बीच वाले प्रीमियम हैंडसेट। रिपोर्ट में बताया गया है कि 5000 रुपये से कम कीमत के स्मार्टफोन रखने वाले ग्राहकों में से आधे की उम्र 15 से 24 साल के बीच है, जबकि प्रीमियम सेंगमेंट के स्मार्टफोन रखने वाले ग्राहकों में 60% 24 साल से ज्यादा उम्र के हैं।

2020 तक 58% हो जाएंगे स्‍मार्टफोन यूजर्स

एक कंस्लटिंग फर्म Deloitte ने अनुमान लगाया है कि साल 2020 तक भारत में मोबाइल डाटा यूजेज 1608 पीबी (पेटाबाइट) तक बढ़ जाएगी। बता दें कि 1 पेटाबाइट का मतलब 1 बिलियन जीबी होता है। साथ ही यह भी बताया कि इस दौरान भारत में स्मार्टफोन का इस्तेमाल भी 58 फीसद तक बढ़ने की उम्मीद है। दरअसल, भारतीय उपभोक्‍ताओं द्वारा मोबाइल डेटा का इस्तेमाल ज्यादा करने के पीछे एक मुख्य कारण रिलायंस जियो की लॉन्चिंग को भी माना जा रहा है। जियो ने टेलिकॉम बाजार में एंट्री के बाद डाटा प्लान्स की कीमतों को काफी कम कर दिया जिससे उपभोक्‍ता इंटरनेट इस्तेमाल करने की तरफ आकर्षित हुए। मुकेश अंबानी के जियो ऑफर का असर ये हुआ कि देश की दूसरी मोबाइल कंपनियों को अपनी दरें घटानी पड़ीं और देश में सस्ते इंटरनेट डेटा की होड़ लग गई।

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