फलों के बारे में वैज्ञानिकों ने बताई यह खास बात, फल सही समय पर पके इसलिए मौजूद होता है ये कवच

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नई दिल्ली। क्या आपने कभी फल को जल्दी पकने के लिए केले से भरी पेटी के बीच रखा है? अगर रखा है तो आपने पेड़ में मौजूद एथिलीन को नुकसान पहुंचाया है। एथिलीन एक महत्वपूर्ण हार्मोन है, जो पौधे में मौजूद होता है। केले और दूसरे फलों में एथिलीन का प्रोडक्शन फल के पकने पर बढ़ने लगता है। एथिलीन का प्रोडक्शन बढ़ने के बाद हरे फल पककर खाने लायक हो जाते हैं।

क्या है स्टडी

वैज्ञानिकों ने पौधे में मौजूद एथिलीन पर एक शताब्दी से अधिक तक स्टडी की है। फल कैसे हार्मोन के प्रोडक्शन को नियंत्रित करते हैं, ये आज भी रहस्य है। अब वैज्ञानिकों को एक ऐसा मास्टर स्विच मिला है जो पौधो में एथिलीन का प्रोडक्शन बढ़ाता है, जब फल पकने लगता है। नेचर प्लांट्स में सोमवार को छपी एक स्टडी के मुताबिक, फल के पकने से पहले यह मास्टर स्विच एक कवच (LID) का काम करता है जो ऐसे जीन से बचाता है जिसकी वजह से फल समय से पहले पकते हैं। जब फल पकने लगता है तो जीन खुद एक्टिवेट हो जाते हैं। प्लांट में सुगर प्रोडक्शन की वजह से मीठी-मीठी खुशबू आना शुरू हो जाती है, जो जानवरों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है।

ये है अब का हाल

आजकल उत्पादन करने वाले केले, टमाटर, आड़ू, नाशपाती और दूसरे फल जब पकने वाले होते हैं तभी उसे तोड़ लेते हैं। फल खराब न हो इसलिए इन्हें फार्म भेज दिया जाता है। फिर, वितरक गोदाम में एथिलीन के जरिए फलों को पका देते हैं। इसके बाद इन्हें मार्केट भेज दिया जाता है।

क्या कहना है विशेषज्ञ का

गैरीसविले में फ्लोरिडा विश्वविद्यालय में फल के जेनेटिक्स और बायोकेमिस्ट्री में एक विशेषज्ञ हैरी क्ली ने बताया कि कुछ साल पहले मैंने और मेरे दोस्तों ने ये नोटिस किया था कि फ्रिज में बहुत दिन तक टमाटर रखने के बाद उसका टेस्ट खत्म हो गया था। इस स्टडी से फलों के बेस्वाद होने का कारण भी सामने आया है।

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