जल्दी ही ड्रोन पहुंचाएगा घर तक दवाइयां, जांच के लिए ले जाएगा ब्लड सैंपल

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हैदराबाद। ऐसी स्थिति की कल्पना कीजिए, जहां किसी सुदूर गांव में अचानक किसी को दवा की जरूरत पड़ जाए या किसी के ब्लड सैंपल की जांच के लिए गांव से शहर के लैब तक भेजना पड़े। जाहिर है, अगर सड़क के रास्ते दवा पहुंचाई जाएगी या सैंपल को जांच के लिए ले जाना पड़ेगा, तो इससे काफी देर होगी। ऐसे में क्या हवा के रास्ते ये सबकुछ किया जा सकता है ? हां, ऐसा शायद जल्दी ही होने लगे। हैदराबाद के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (आईआईपीएच) ने ऐसा ड्रोन बनाया है, जो दवाइयों को एक बक्से में रखकर दूर-दराज तक पहुंचा देगा और वो भी नियंत्रित तापमान में।

आईआईपीएच ने डिजिटल ड्रोन आधारित रियल टाइम आधुनिक डिलिवरी सिस्टम तैयार किया है। इसके जरिए देश के दूरदराज के गांवों तक दवाइयां पास के बड़े शहर से महज 30 मिनट में पहुंचाई जा सकती हैं। आईआईपीएच के हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स रैपिड डिजाइन लैब के संयोजक सुरेश मुनुस्वामी के मुताबिक संस्थान ने इस तरह ठंडे माहौल में दवाइयां पहुंचाने के लिए अमेरिका की जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर वैक्सीन बॉक्स भी तैयार कर लिए हैं।

डॉ. मुनुस्वामी का कहना है कि तमाम तरह के टीके 2 डिग्री से 8 डिग्री के बीच ही रखे जा सकते हैं। जबकि, खून को 20 डिग्री से 24 डिग्री पर रखा जाता है। जो बॉक्स बनाया गया है, उसमें इस तरह तापमान कंट्रोल करने का तरीका है। ये ड्रोन 40 किलो तक का वजन उठा सकता है। बॉक्स को पीएचएफआई ने डिजाइन किया है। इसमें इंसुलेशन है, पैकेजिंग का तरीका है। दवा रखने की जगह है। बिजली देने के लिए सौर पैनल लगे हुए हैं। बॉक्स में क्यूआर कोड है, जिसके जरिए इसे खोला जा सकता है। डॉ. मुनुस्वामी के मुताबिक जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी ने इस मामले में और शोध तथा विकास के लिए साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। इसके अलावा एक मॉड्यूलर बॉक्स का डिजाइन भी तैयार है। जिसे बनाकर एक ही बॉक्स में कई अलग-अलग जगह दवा पहुंचाई जा सकती है।

लंबी दूरी तक ड्रोन को भेजने के लिए प्रोजेक्ट ने पेट्रोल इंजन लगाया है। जबकि आम तौर पर ड्रोन बैटरी से मिलने वाली पावर से उड़ते हैं। आईआईपीएच ने अमेरिका की सिलिकॉन वैली के स्टार्टअप ड्रोनाडू इनकॉरपोरेटेड और मिशिगन के ड्रोन बनाने वाले वायु इनकॉरपोरेटेड के साथ मिलकर ये प्रोजेक्ट तैयार किया है।
वायु इनकॉरपोरेटेड ने रवांडा और मैडागास्कर में ड्रोन के जरिए ब्लड सैंपल एक से दूसरी जगह भेजने का काम किया है। आईआईपीएच के ड्रोन पेट्रोल इंजन से उड़ेंगे। इससे वे 200 किलोमीटर दूर तक जा सकेंगे। ये सभी ड्रोन ऑटोपायलट वाले होंगे, लेकिन एक कंट्रोल सेंटर से इन पर नजर रखी जा सकेगी। डॉ. मुनुस्वामी के अनुसार दवा और खून पहुंचाने वाले ये ड्रोन 129 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकेंगे।

तेलंगाना में पीएचएफआई की टीम ने आदिलाबाद, सिद्दीपेठ, महबूबनगर और खम्मम जिलों को इस काम के लिए अभी चिह्नित किया है। उन्होंने ऐसी जगह चुनी हैं, जहां से डिलीवरी की जा सकती है और सौ फीसदी जनता को फायदा पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा दवाइयां वगैरा रखने के लिए वेयरहाउस बनाने की भी योजना है। फिलहाल तेलंगाना में आम लोग ड्रोन नहीं उड़ा सकते, लेकिन संस्थान का मानना है कि इस तकनीकी से स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा और सरकार को योजना को मंजूरी देनी चाहिए।

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