पर्यटकों के लिए फिर से भाप इंजन वाली ‘हेरिटेज’ ट्रेनें चलाने की तैयारी में रेलवे

271 0

लखनऊ। आज भले ही हम बिजली और डीजल के शक्तिशाली रेलवे इंजन देखते हैं, लेकिन 1960  और 70 के दशक में भाप के इंजन ही भारतीय रेल की रीढ़ हुआ करते थे। रेलवे एक बार फिर से पर्यटकों के लिए भाप इंजन वाली ट्रेनें चलाने की तैयारी में है ताकि वे इनके सफर का मजेदार अनुभव ले सकें।

‘गैराट 811’ का हुआ सफल परीक्षण

इसी कड़ी में बीते 22 सितंबर को एशिया के सबसे बड़े भाप के इंजन ‘एन’ श्रेणी के गैराट 811 को नेशनल रेल म्‍यूजियम के सहयोग और खड़गपुर रेलवे वर्कशाप के प्रयास से एक बार फिर चलाया गया। पश्चिम बंगाल के खड़गपुर और मिदनापुर के बीच इस रेल इंजन को 22 किलोमीटर दौड़ाया गया। यह प‍रीक्षण सफल रहा। पिछले साल 11 फरवरी से दिल्ली कैंट से हरियाणा के रेवाड़ी के बीच एक हेरिटेज ट्रेन की शुरुआत हुई थी।

देखें वीडियो –

पिछले साल चली थी फेयरी क्‍वीन

पिछले साल फरवरी में दिल्ली कैंट से रेवाड़ी के बीच शुरू की गई भाप इंजन वाली ट्रेन ‘फेयरी क्‍वीन’ के नाम से प्रसिद्ध है। दुनिया के इस सबसे पुराने इंजन को 1997 में एक बार फिर से शुरू किया गया था। 1998 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स ने इस इंजन को लगातार चलने वाले दुनिया के सबसे पुराने स्टीम लोकोमोटिव के तौर पर शामिल किया था। यह ट्रेन दिल्ली कैंट से प्रतिदिन रेवाड़ी और रेवाड़ी से दिल्ली कैंट के लिए एक फेरा लगाती है।

2019 में ऐसी तीन ट्रेनें चलाने की तैयारी

नेशनल रेल म्‍यूजियम ऐसी तीन भाप इंजन वाली ट्रेन को फिर से चलाने जा रहा है। इनमें से एक इंजन तो वर्ष 1865 का बना हुआ है। इनमें फीनिक्स 1920 में निर्मित, राम गोटी 1865 में निर्मित और फायरलेस लोकोमाटिव 1951 का बना हुआ है। इंजीनियरों का एक दल इन तीनों इंजनों को फिर से शुरू करने के काम में लगा है। रेल म्‍यूजियम के निदेशक अमित सौराष्ट्री बताते हैं, ‘हम उन्हें पर्यटन के उद्देश्य से फिर से शुरू करने जा रहे हैं। फायरलेस लोकोमोटिव इसी साल के अंत तक तैयार हो जाएगा और इसे रेल म्‍यूजियम में पर्यटकों के लिए चलाया जाएगा।’

Related Post

प्रकाश जावड़ेकर ने किया साफ- BHU के नाम से न ‘हिंदू’ शब्द हटेगा, न AMU से ‘मुस्लिम’

Posted by - October 9, 2017 0
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से ‘हिंदू’ और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से ‘मुस्लिम’ शब्दों को हटाया जाना चाहिए क्योंकि ये…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *